गर्मी के बाद बदली स्कूल टाइमिंग, रांची में नया आदेश लागूBy Admin Mon, 20 April 2026 06:39 PM

रांची:
राजधानी रांची में लगातार बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर जिले के सभी स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है। इस फैसले का मकसद साफ है—बच्चों को लू और तेज तापमान के खतरों से सुरक्षित रखना।
पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्कूलों को सुबह के समय संचालित करने का निर्णय लिया है, ताकि बच्चों को दोपहर की कड़ी धूप से बचाया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत अब केजी से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों की पढ़ाई सुबह 7 बजे से शुरू होगी और सुबह 11:30 बजे तक समाप्त कर दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस समय सीमा के बाद किसी भी परिस्थिति में छोटे बच्चों को स्कूल में नहीं रोका जाएगा। यह नियम सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
वहीं बड़ी कक्षाओं के छात्रों को भी राहत दी गई है। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं सुबह 7 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चलेंगी। इन छात्रों को आधे घंटे का अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है ताकि उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो और सिलेबस समय पर पूरा किया जा सके।
प्रशासन ने केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और स्कूल कर्मियों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकारी स्कूलों के सभी शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे। छात्रों की छुट्टी के बाद का समय वे विभिन्न प्रशासनिक और गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाएंगे, जिनमें मिड-डे मील से जुड़े काम, रिकॉर्ड अपडेट करना और अन्य विभागीय जिम्मेदारियां शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे इस नई समय सारणी की जानकारी तुरंत अभिभावकों और छात्रों तक पहुंचाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि आदेश का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह नई व्यवस्था 21 अप्रैल 2026 से पूरे रांची जिले में प्रभावी हो जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अगर आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ती है, तो समय में और बदलाव पर भी विचार किया जा सकता है।
गौरतलब है कि हर साल गर्मी के मौसम में स्कूलों के समय में बदलाव किया जाता है, लेकिन इस बार तापमान में अचानक आई तेजी ने प्रशासन को समय से पहले कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। ऐसे में यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।