
रामगढ़: शनिवार को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सह प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. स्वराज की अध्यक्षता में सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में एक विशेष संगोष्ठी सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को मच्छरों से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करना और बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस वर्ष की थीम "Driven to End Malaria: Now We Can. Now We Must" (मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा) पर जोर देते हुए डॉ. स्वराज ने कहा कि वेक्टर जनित रोगों से सुरक्षा और मलेरिया उन्मूलन के लिए गहन जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।*
ई-संजीवनी सेवाओं की समीक्षा:
कार्यक्रम के दूसरे चरण में डॉ. स्वराज और जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी (गैर संचारी रोग) डॉ. तुलिका रानी की संयुक्त अध्यक्षता में ई-संजीवनी (Tele-medicine) से संबंधित पंजीकृत चिकित्सकों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में टेली-कंसल्टेशन के दौरान आ रही तकनीकी व अन्य परेशानियों का निराकरण किया गया और अधिक से अधिक संख्या में टेली-कंसल्टेशन प्रदान करने पर बल दिया गया।
उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण बैठक में डॉ. शमीम अख्तर, डॉ. जयश्री रागनी, डॉ. अपराजिता, डॉ. अम्बिका कुमारी, डॉ. मदन कुमार महतो, डॉ. मनिताप, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. मनीषा कुमारी, डॉ. अमित आनंद विशाल तिर्की, डॉ. पुजा, डॉ. चेतन बिरेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ. रित्विक, डॉ. पी.एन. सिंह एवं डॉ. वी.के. सिंह सहित कई चिकित्सा पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री प्रदीप कुमार सिन्हा (जिला कार्यक्रम प्रबंधक), डॉ. पल्लवी कौशल (सलाहकार NPPCF), श्री सुनील कुमार मधुकर (क्षेत्रीय समन्वयक IEC/BCC), श्री आमोद कुमार (DPA-NCD), श्री विमल कुमार केशरी (DPMU समन्वयक) एवं मो. मिन्हाज अन्सारी (MPW सह DEO) का प्रमुख योगदान रहा।