
गुमला: दक्षिणी झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों के लिए बहुप्रतीक्षित लोहरदगा-गुमला-धर्मजयगढ़ रेल परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। इस महत्वपूर्ण पहल पर गुमला चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw को बधाई देते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।
रेल मंत्रालय ने लोहरदगा से गुमला, पत्थलगांव होते हुए छत्तीसगढ़ के धर्मजयगढ़ तक लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की परियोजना की अधिसूचना जारी की है। यह परियोजना रेल मंत्रालय के अधीन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा लागू की जाएगी।
आजादी के बाद पहली बार गुमला, जशपुर और आसपास के कई क्षेत्रों तक रेल संपर्क पहुंचने जा रहा है। लंबे समय से क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग इस रेल लाइन की मांग कर रहे थे। अब परियोजना को स्वीकृति मिलने से लाखों लोगों की वर्षों पुरानी उम्मीद पूरी होने की दिशा में बढ़ी है।
प्रस्तावित रेल मार्ग पर लोहरदगा के अलावा सेन्हा, घाघरा, टोटो, गुमला, रायडीह के पोगरा क्षेत्र, लोदाम और जशपुर सहित कई स्थानों पर नए रेलवे स्टेशन विकसित किए जाने की योजना है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को देश के प्रमुख शहरों से सीधा रेल संपर्क मिलेगा।
नई रेल लाइन बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। किसानों को अपनी कृषि उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी, वहीं व्यापार और उद्योग को भी नई गति मिलेगी। खनिज संपदा से समृद्ध इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और पर्यटन, परिवहन, होटल तथा सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प का माध्यम बनेगी।
इस उपलब्धि पर बधाई देने वालों में एफजेसीसीआई के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सह नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, चैंबर अध्यक्ष राजेश लोहानी, पूर्व अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल, हिमांशु केसरी, अनमोल गुप्ता, राजेश कुमार सिंह, अभिजीत जायसवाल, बबलू वर्मा, प्रणय कुमार, अजय कुमार, राहुल केसरी, प्रतीक अग्रवाल, रितेश गुप्ता, मनीष कुमार केशरी, गुरमीत सिंह, पंकज खंडेलवाल, अनिकेत कुमार, संजीव मालानी, विकास सिंह, शेखर अग्रवाल, रजत केसरी, शिवम जायसवाल, दिनेश कुमार और कुणाल कुमार सहित बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।