अरगड्डा की बंद खदान में बड़ा हादसा टला, अवैध खनन के दौरान बेहोश हुए चार युवक रेस्क्यू कर निकाले गएBy Admin Sat, 13 June 2026 06:32 PM

गिद्दी। सीसीएल अरगड्डा प्रक्षेत्र के काजू बागान-चपरी जंगल टोंगरी स्थित बंद पड़ी खदान में शनिवार को अवैध खनन के दौरान चार युवकों के बेहोश हो जाने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। समय रहते चलाए गए रेस्क्यू अभियान की बदौलत चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल प्रबंधन, कुजू पुलिस, रामगढ़ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद नईसराय से माइंस रेस्क्यू की विशेष टीम को बुलाकर तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।

जानकारी के अनुसार, बंद खदान क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए मुहानों के जरिए कुछ लोग कोयला निकालने और चुनने का काम करते हैं। शनिवार को इसी दौरान दो युवक खदान के एक मुहाने के अंदर गए, जहां वे अचानक अचेत होकर गिर पड़े। उन्हें बचाने के लिए उनके दो अन्य साथी भी अंदर पहुंचे, लेकिन वे भी बेहोश हो गए।

प्रारंभिक जांच में खदान के भीतर ऑक्सीजन की कमी को घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नईसराय से 14 सदस्यीय माइंस रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू अभियान में सात प्रशिक्षित जवान सुरक्षा उपकरणों के साथ खदान के अंदर उतरे और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चारों युवकों को बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

बचाए गए युवकों की पहचान बुध बाजार सिरका निवासी आशीष घटवार और किशोर रवानी तथा छोटकी टोंगी निवासी देव बेदिया और डब्लू बेदिया के रूप में हुई है। सभी को अचेत अवस्था में बाहर निकालकर सीसीएल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की मदद से एंबुलेंस के जरिए रामगढ़ स्थित होप अस्पताल भेजा गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद तीन युवकों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रांची रेफर किए जाने की चर्चा रही।

घटना के बाद इलाके में चारों युवकों की मौत की अफवाह भी तेजी से फैल गई, जिससे लोगों में चिंता और दहशत का माहौल बन गया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी भी युवक की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

मामले की जानकारी मिलते ही रामगढ़ के एसडीपीओ, वन विभाग की टीम तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस और सीसीएल प्रबंधन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

रेस्क्यू अभियान में सनेस्द्र कुमार सिंह, तुलसी बड़ी, सिकंदर सोरेन, अर्जुन राज मिर्धा, राजेश कुमार, साइनाथ महतो, अमित कुमार श्रीवास्तव, विकास कुमार, एमडी समसूद, मनोज कुमार शर्मा, पिनरान अहमद, संजय कुमार, केशयूज राम और धीरज रावत समेत रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।