
रांची: अखिल भारतीय कायस्थ महासभा (एबीकेएम) झारखंड द्वारा रविवार को धुर्वा स्थित पुरानी विधानसभा सभागार में ‘कायस्थ मेधा सम्मान 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए चित्रांश समाज के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
समारोह में विद्यार्थियों को ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और मेडल प्रदान कर उनकी उपलब्धियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, समाज के गणमान्य लोग और महासभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और भगवान चित्रगुप्त की आरती के साथ हुई। इसके बाद सांस्कृतिक संस्था रागरंग के कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। पूरे सभागार में उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला। सम्मानित विद्यार्थियों के चेहरे पर सफलता की खुशी और भविष्य के प्रति आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
समारोह के मुख्य अतिथि Subodh Kant Sahay ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश और समाज का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है, जो व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही समाज से प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि Deepak Prakash ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके सपनों, लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और कौशल विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर प्रयास करने की सलाह दी।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.बी. सहाय ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनकी सफलता का उत्सव नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को “यशस्वी भव” का आशीर्वाद देते हुए जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने की शुभकामनाएं दीं।