
रामगढ़: सिविल सर्जन कार्यालय, रामगढ़ के सभागार में आज वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (VPD) सर्विलांस (टीकाकरण से रोकी जा सकने वाली बीमारियां) पर दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के तहत आयोजित यह प्रशिक्षण 20 जुलाई और 21 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से रामगढ़ और बोकारो जिले के स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मी भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. स्वराज की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सर्विलांस प्रणाली को मजबूत करने और समय पर बीमारियों की पहचान कर उन्हें रोकने पर विशेष जोर दिया।
विशेषज्ञों द्वारा दिए जा रहे इस दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के SRTL डॉ. अमरेंद्र सिंह और SMO डॉ. सुधानंद द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को वीपीडी सर्विलांस के नवीनतम दिशानिर्देशों, डेटा प्रबंधन और फील्ड मॉनिटरिंग के गुर सिखाए जा रहे हैं।
राज्य स्तरीय टीम की रही उपस्थिति:
कार्यक्रम को सफल बनाने और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय टीम विशेष रूप से उपस्थित रही। इसमें मुख्य रूप से:
डॉ. प्रवीण कर्ण, राज्य महामारी विशेषज्ञ (State Epidemiologist)
सौरभ सिंह, राज्य डेटा प्रबंधक (State Data Manager)
डॉ. अंजली, राज्य जीव वैज्ञानिक (State Biologist)
रामगढ़ एवं बोकारो जिले के सभी प्रोग्राम पदाधिकारियों, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों सहित दोनों जिले की जिला सर्विलेंस इकाई तथा जिला प्रतिरक्षण इकाई के साथ-साथ सभी जिला एवं ब्लॉक इपिडेमोलॉजिस्ट ने भी भाग लिया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य दोनों जिलों में स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाना है ताकि खसरा, रूबेला, टिटनेस और काली खांसी जैसी गंभीर बीमारियों की निगरानी और रोकथाम पूरी मुस्तैदी से की जा सके।