
JPSC Protest: JPSC-JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब हेमंत सरकार ने बातचीत की पहल की है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को सरकार की ओर से औपचारिक तौर पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है।
सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों को 17 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए बुलाया है। यह बैठक रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में आयोजित की जाएगी। अधिकारियों की ओर से आंदोलन कर रहे छात्रों को बैठक की जानकारी दे दी गई है। बताया गया है कि अनुमंडल पदाधिकारी यानी SDO और ADM, लॉ एंड ऑर्डर ने छात्रों को सरकार के बातचीत के प्रस्ताव से अवगत कराया है। खास बात यह है कि सरकार ने छात्रों को अपने विधिक सलाहकारों के साथ बैठक में शामिल होने का प्रस्ताव भी दिया है।
अब इस बैठक को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और अभ्यर्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।
बैठक में छात्रों की प्रमुख मांगों के साथ-साथ JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार की ओर से विधिक सलाहकारों को साथ रखने की अनुमति दिए जाने से संकेत है कि बातचीत में सिर्फ सामान्य आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों के कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा हो सकती है।हालांकि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आंदोलनकारी छात्र सरकार के इस बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे?
अगर छात्र बैठक में शामिल होते हैं तो बातचीत का रुख आंदोलन की आगे की रणनीति के लिए बेहद अहम हो सकता है। सरकार की ओर से क्या प्रस्ताव रखा जाता है और छात्र किन मांगों पर अड़ते हैं, यह बैठक के दौरान साफ होगा।वहीं अगर बातचीत के बाद छात्रों को अपनी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन या कार्रवाई का भरोसा मिलता है, तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। लेकिन अगर बातचीत बेनतीजा रहती है, तो छात्र अपने पहले से घोषित आंदोलन के कार्यक्रमों को आगे बढ़ा सकते हैं।
फिलहाल 17 अगस्त की दोपहर 2 बजे होने वाली यह बैठक JPSC-JSSC आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मोरहाबादी के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत किस नतीजे तक पहुंचती है और क्या इस बातचीत से लंबे समय से चले आ रहे छात्र आंदोलन को कोई समाधान मिल पाता है।