
RANCHI : झारखंड में कथित प्रतियोगिता परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर पिछले 24 दिनों से छात्र आंदोलनरत हैं। अभी से कुछ समय के बाद आंदोलनरत छात्रों और सरकार के बीच पुनः एक बार वार्ता होनी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आज होनेवाले तीसरे दौर की वार्ता में समाधान निकाल जाए। वार्ता से पहले कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को लेकर गंभीर है और आज की बातचीत में सकारात्मक फैसले लेने का प्रयास किया जाएगा।
मंत्री दीपिका ने कहा कि TDPL द्वारा ली गई परीक्षा समेत अन्य मामलों की जांच राज्य की एजेंसी CID करेगी। वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच में जरूरत पड़ने पर ED से भी सहयोग का आग्रह किया जा सकता है। JSSC-CGL परीक्षा और नियुक्तियों को लेकर मंत्री ने कहा कि छात्रों की चिंताएं सरकार के संज्ञान में हैं।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बाद परिणाम जारी किए गए, नियुक्ति पत्र बांटे गए और कई अभ्यर्थी एक साल से अधिक समय से सेवा में हैं। ऐसे में नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला जटिल है। आज की वार्ता में सरकार CGL मसले पर भी गंभीरता से छात्रों से बातचीत करेगी। मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि छात्रों की सबसे बड़ी चिंता परीक्षा प्रणाली को लेकर है। सरकार परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में व्यापक सुधार करना चाहती है।
इसके लिए IIT, ISM, XLRI, XISS समेत प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक समिति बनाने का प्रस्ताव है। समिति छात्रों, अभिभावकों, बुद्धिजीवियों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार की रूपरेखा तैयार करेगी।
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ वार्ता में बातचीत के जरिए समाधान निकालने और छात्रों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।