‘आंदोलन के बाद ही क्यों जागती है सरकार?’ JPSC-JSSC पर बाबूलाल का हमला, MMDR पर भी विपक्ष को घेराBy Admin Mon, 17 August 2026 02:57 PM

Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। CBI जांच की मांग कर रहे छात्रों के आंदोलन का हवाला देते हुए बाबूलाल ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और पूछा कि आखिर छात्रों के सड़क पर उतरने के बाद ही सरकार क्यों जागती है। वहीं, MMDR संशोधन विधेयक को लेकर उन्होंने झामुमो और कांग्रेस के आरोपों पर भी पलटवार किया।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा घेराव की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने आनन-फानन में चार मंत्रियों की कमेटी बना दी, लेकिन इसके बाद फिर चुप्पी साध ली। जब छात्रों ने 15 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया, तब जाकर उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया।

बाबूलाल ने सवाल किया कि अगर सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर थी, तो छह दिनों तक सरकार ने क्या किया? उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार आंदोलन का दबाव बनने के बाद ही सरकार सक्रिय होती है। उनके मुताबिक, JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और नौकरी बेचे जाने के आरोपों की CBI जांच की छात्रों की मांग को टाला नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि अब झारखंड के छात्र किसी झांसे में आने वाले नहीं हैं। सरकार को केवल कमेटियां बनाने के बजाय मामले में ठोस फैसला लेना चाहिए और छात्रों की मांग पर स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।

MMDR पर भी सियासी पलटवार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबूलाल मरांडी ने MMDR संशोधन विधेयक को लेकर झामुमो और कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को संसद में बिल पारित होने के बाद विपक्षी दल केंद्र पर राज्यों का अधिकार छीनने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि संसद में चर्चा के दौरान इन नेताओं ने बहस में हिस्सा लेने के बजाय हंगामा किया।

बाबूलाल ने कहा कि 2015 से अब तक झारखंड समेत राज्यों को रॉयल्टी और GST के जरिए करीब 2.32 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं ऑक्शन प्रीमियम से राज्यों को करीब 96 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि आंकड़े साफ बताते हैं कि केंद्र सरकार राज्यों का हिस्सा नहीं छीन रही, बल्कि राज्यों को उनका हिस्सा दे रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद राज्यों की हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी हुई है और यह करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऐसे में केंद्र पर राज्यों का अधिकार छीनने का आरोप लगाने वाले विपक्षी दलों को इन आंकड़ों का जवाब देना चाहिए।

JPSC-JSSC के छात्र आंदोलन और MMDR बिल को लेकर बाबूलाल मरांडी के इस बयान से झारखंड की सियासत में दोनों मुद्दों पर टकराव और तेज होने के संकेत हैं।