सुदिव्य कुमार के निधन से झारखंड ने कर्मठ जनप्रतिनिधि और युवा नेतृत्व खोया : हेमंत सोरेनBy Mid Time Bureau Sun, 06 September 2026 03:21 PM

गिरिडीह: झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के आकस्मिक निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। उनके निधन की सूचना के बाद राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को गिरिडीह पहुंचे और हरसिंहरायडीह स्थित दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार के आवास पर पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने दिवंगत मंत्री के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा भी दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार ने जनप्रतिनिधि के रूप में लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए लगातार काम किया। उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व को खो दिया है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि सुदिव्य कुमार का राजनीतिक और सामाजिक जीवन जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचायक रहा। उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया। राज्य के विकास और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता हमेशा याद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार के योगदान और सेवाओं को लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य, शक्ति और संबल प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा झारखंड शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है।

कल्पना सोरेन ने भी दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री के साथ विधायक कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना जताई।

सुदिव्य कुमार के आवास पर बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता, समर्थक, जनप्रतिनिधि और शुभचिंतक भी पहुंचे। सभी ने दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके निधन को झारखंड की राजनीति तथा गिरिडीह के लिए बड़ी क्षति बताया। वातावरण पूरी तरह गमगीन रहा।