SIR को लेकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही राज्य सरकार, अधिकारियों को झामुमो-काँग्रेस का पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है : आदित्य साहू By Mid Time Bureau Tue, 08 September 2026 07:43 PM

RANCHI : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने  आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए राज्य सरकार हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है। राज्य की झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार है।  झारखंड में SIR शुरू होने से पहले ही JMM और कांग्रेस ने इसके बहिष्कार और विरोध की बात कही थी, और जब प्रक्रिया प्रारंभ हुई तो इसे प्रभावित करने और एक समाज विशेष  को खुश करने के लिए उनके नामों को अवैध रूप से जोड़ने के लिए हर प्रकार के हथकंडे यह सरकार अपना रही है। 


उन्होंने कहा कि संथाल परगना में आ रही विसंगतियां का मामला केवल मतदाता सूची का नहीं बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता का मामला है। साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़ क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर उम्र संबंधी गंभीर गड़बड़ियां सामने आ रही है। जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। पाकुड़ और साहिबगंज सहित संथाल परगना के पूरे संवेदनशील इलाकों में मतदाता सूची का शत-प्रतिशत सत्यापन जरूरी है। साहू ने कहा कि हेमंत सरकार ने प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को अब सरकारी सेवक नहीं, बल्कि झामुमो-कांग्रेस के पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है। प्रशासन की मिलीभगत से यह सरकार एक खास वर्ग के अधिक से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयास में लगी है। 


फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने का प्रयास
साहू ने कहा कि पाकुड़ के बरहरवा क्षेत्र में कथित फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के प्रयास के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है। यह तो एक जगह का मामला है, ऐसे कितने मामले अभी पकड़ से दूर हैं। पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के बरहरवा प्रखंड के आहुत ग्राम में फर्जी दस्तावेज (Fake Document) जमा कर अवैध रूप से मतदाता सूची में जुड़ने का प्रयास कर रहे 4 अपात्र व्यक्तियों एवं एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने हेतु प्राथमिकी दर्ज किया गया है। बरहरवा प्रखंड में संदिग्ध दस्तावेजों के संबंध में कुल 4 व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है। इनमें रूबेदा बेवा, रबी शेख, पिंटू शेख, सेन्टु शेख द्वारा फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत की गई हैं। इन अपात्र व्यक्तियों को कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक मोहम्मद सलीम द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराए गए थे। 


न्यायालय जाने की धमकी
वहीं उन्होंने कहा कि साहेबगंज जिला के राजमहल विधानसभा में बूथ संख्या-343, गृह संख्या-01 में वर्ष 2019 की मतदाता सूची में 4 मतदाताओं का नाम था, जबकि 25 जुलाई, 2024 को प्रकाशित मतदाता सूची में 39 मतदाताओं का नाम है। वर्तमान सूची में सैयद अली का आयु 69 वर्ष है, जबकि उसके पुत्र गफूर शेख की आयु 67 वर्ष है। इसी बूथ पर वर्ष 2019 में आजाद अली की आयु 34 वर्ष है, वहीं 2024 की सूची में आजाद अली का नाम नहीं है, परंतु उनकी पत्नी आयसा का नाम है, जिसकी आयु 64 वर्ष है। राजमहल विधानसभा में बूथ संख्या-187, गृह संख्या-137 में वर्ष 2019 की मतदाता सूची में मात्र 12 मतदाता थे, जबकि वर्तमान मतदाता सूची में बढ़कर 26 हो गये हैं। वहीं साहेबगंज जिले के बोरियो विधानसभा में मंडरो प्रखंड के लालमाटी गांव में एक भी मुस्लिम का घर नहीं है, परंतु वहां के मतदाता सूची में दर्जनों मुस्लिम मतदाता शामिल है और तेलियागढ़ी बूथ पर उनके मतदान करने की बात कही गई है। साहेबगंज जिला में ऐसा भी मामला सामने आया है कि 15 वर्ष के मतदाता को पिता बताया जा रहा है और उसी मतदाता को 30 वर्ष की आयु में दादा बताया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे भी मामला सामने आया है कि पिता और पुत्र की आयु में मात्र 2-3 वर्ष का अंतर है। साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी और उसका पर्दाफाश करने का काम करेगी। जरूरत पड़ेगी तो पार्टी न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।