खड़गे के बयान पर भड़के प्रदीप वर्मा, कांग्रेस की राजनीति पर उठाए सवालBy Mid Time Bureau Mon, 26 October 2026 11:04 AM

पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक कथित बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे राजनीतिक शिष्टाचार और भारतीय संस्कारों के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस से आत्ममंथन करने की मांग की है।

डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच विचारों का टकराव लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ पद पर बैठे नेता से सार्वजनिक जीवन में संयम और गरिमापूर्ण व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।

बीजेपी सांसद ने बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे गरिमामय अवसर पर किसी दिवंगत पिता के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी करना भारतीय पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में माता-पिता को विशेष सम्मान दिया जाता है और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इस सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।

डॉ. वर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणियों और कटु बयानबाजी को जगह मिल रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन उसका आधार तर्क और तथ्य होने चाहिए। उनके अनुसार, किसी नेता की पहचान केवल उसके पद और अनुभव से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और सार्वजनिक बयानों से भी होती है।

उन्होंने कांग्रेस को राजनीतिक चुनौतियों का सामना सकारात्मक एजेंडे, स्पष्ट नीतियों और जनसेवा के जरिए करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि व्यक्तिगत आरोपों और अपमानजनक टिप्पणियों से जनता का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता।

डॉ. प्रदीप वर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपने बयान पर पुनर्विचार करने और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन लोकतांत्रिक शिष्टाचार और पारिवारिक सम्मान को बनाए रखना जरूरी है।