
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता, मताधिकार की रक्षा के लिए चल रहा जनजागरण अभियान
रांची: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली ऐतिहासिक होगी। कांग्रेस नागरिकों के मताधिकार को छिनने नहीं देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने और नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने की कोशिश की जा रही है।
मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि रैली की तैयारी को लेकर राज्यभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। सभी जिलों में जिला प्रभारी और वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने बिहार और बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मताधिकार से वंचित करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में हाल के दिनों में हुए कार्यक्रमों से ही आगामी रैली की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा देश के सामने रखा: प्रदीप यादव
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि जिन संस्थाओं पर मताधिकार की रक्षा की जिम्मेदारी है, उन्हीं पर मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने वोट चोरी से जुड़े मुद्दों को देश के सामने उठाया है।
प्रदीप यादव ने पश्चिम बंगाल के फरक्का में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद नाम दोबारा जोड़ा गया और बाद में संबंधित उम्मीदवार विधायक चुने गए। उन्होंने महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में अंतर का हवाला देते हुए निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
उन्होंने फॉर्म-6 में बदलाव और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में किए गए संशोधनों को लेकर भी निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। प्रदीप यादव ने कहा कि पहले चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे। बाद में समिति की संरचना में बदलाव किया गया, जिसे लेकर कांग्रेस को आपत्ति है।
उन्होंने चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इससे जवाबदेही प्रभावित हो सकती है।
संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, उज्ज्वल तिवारी, अख्तर अली और राजन वर्मा उपस्थित थे।