
नई दिल्ली/मुंबई| गणेश चतुर्थी, भगवान गणेश के जन्मोत्सव का पावन पर्व, बुधवार को पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
मुंबई से लेकर जयपुर और तमिलनाडु तक, भारी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना और आशीर्वाद लेने पहुंचे।
मुंबई में श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में सुबह से ही आरती हुई और "गणपति बप्पा मोरया" के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। सुबह से ही भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर बप्पा के दर्शन के लिए उत्सुक दिखे।
लालबागचा राजा, जो मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणेश पंडालों में से एक है, वहां माहौल आस्था और भावनाओं से सराबोर रहा। देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचे। एक भक्त ने कहा, “ऐसा लगता है जैसे हम स्वर्ग आ गए हों। इस अनुभव को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”
एक अन्य श्रद्धालु ने बताया, “मैं सुबह से ही लाइन में खड़ा हूं। हर साल दर्शन के लिए आता हूं।”
जयपुर, राजस्थान के मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर "गणपति बप्पा मोरया" के जयकारों से गूंज उठा। भक्त परिवार सहित दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रमेश्वर सिंह ने जानकारी दी, “14 अतिरिक्त डीसीपी तैनात किए गए हैं। करीब 800 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों को तीन शिफ्टों में लगातार ड्यूटी पर लगाया गया है। सभी इंतजाम पूरी तरह से किए गए हैं।”
मंदिर परिसर में कई सुरक्षा चौकियां और बैरिकेड्स लगाए गए ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे।
वहीं तमिलनाडु में गणेश चतुर्थी का अनोखा आयोजन देखने को मिला, जहां भगवान विनायक को चढ़ाने के लिए 73 किलो का विशाल लड्डू तैयार किया गया। इसे स्थानीय मिठाई की दुकान पर रखा गया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई।
इस वर्ष गणेश चतुर्थी का उत्सव भक्ति, परंपरा और सामुदायिक भावना का अद्भुत संगम बन गया, जहां देशभर के करोड़ों श्रद्धालु विघ्नहर्ता गणेश के चरणों में आशीर्वाद पाने पहुंचे।
With inputs from IANS