2030 तक भारत में बॉडी लोशन की आधे से अधिक बिक्री ऑनलाइन होगी: रिपोर्टBy Admin Sun, 11 January 2026 03:08 AM

नई दिल्ली- एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक भारत में बॉडी लोशन की कुल बिक्री का आधे से अधिक हिस्सा ऑनलाइन माध्यमों से होने की संभावना है।

रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘मैस्टीज’ ब्रांड (₹1.5–6 प्रति मिली की कीमत श्रेणी), जो बड़े उपभोक्ता आधार के साथ प्रीमियम अपील को जोड़ते हैं, बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएंगे और ऑनलाइन अवसरों में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 तक बॉडी पर्सनल केयर (BPC) सेगमेंट में ऑनलाइन पैठ लगभग 30 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो समग्र BPC बाजार की लगभग 20 प्रतिशत ऑनलाइन पैठ की तुलना में अधिक है, और यह रुझान भविष्य में भी बना रहेगा। शहरी भारत में महिलाओं के ई-कॉमर्स पर बढ़ते ब्यूटी खर्च का असर बॉडी लोशन सेगमेंट में भी स्पष्ट रूप से दिखेगा।

इस श्रेणी में डिजिटल-नेटिव ब्रांड्स का उभार भी ऑनलाइन पैठ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि उपभोक्ता तेजी से विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित और क्लिनिकली टेस्टेड फॉर्मुलेशन की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, “डर्मेटोलॉजिकल विश्वसनीयता का लाभ उठाने वाले ब्रांड प्रोफेशनल समर्थन और इंग्रीडिएंट पारदर्शिता के जरिए दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बना रहे हैं। साधारण मॉइस्चराइज़र से हटकर अब फंक्शनल और इंग्रीडिएंट-केंद्रित उत्पादों की ओर झुकाव स्पष्ट है, जहां ब्रांड विटामिन ई, शीया बटर और अन्य सक्रिय तत्वों पर आधारित फॉर्मुलेशन पेश कर रहे हैं।”

इसके अलावा, पैराबेन-फ्री, वेगन और क्रुएल्टी-फ्री फॉर्मुलेशन अब सीमित वर्ग से निकलकर मुख्यधारा में आ चुके हैं, और कुछ ब्रांड नैतिक मूल्यों को केंद्र में रखकर बाजार हिस्सेदारी भी हासिल कर रहे हैं।

कई ब्रांड आकर्षक खुशबू प्रोफाइल (जैसे वनीला, कैरामेल, हेज़लनट) के जरिए बॉडी केयर को एक बेहतर और सुखद अनुभव में बदलकर खुद को अलग पहचान दे रहे हैं।

रिपोर्ट में बॉडी लोशन सेगमेंट में अवसरों को बढ़ाने के लिए पारंपरिक मास-मार्केट रणनीतियों पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया गया है।

इन रणनीतियों में प्लेटफॉर्म-आधारित वितरण मॉडल, गहन एनालिटिक्स और उपभोक्ता इनसाइट्स के साथ डी2सी (डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर) मॉडल का निर्माण और विस्तार, उत्पाद, मूल्य निर्धारण और पैक साइज के लिए डेटा-आधारित रणनीतियां, संतुलित एसकेयू संरचना तथा पेड मीडिया से आगे जाकर भरोसा कायम करने वाले उपाय शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, “निवेशकों और रिटेलर्स के लिए बॉडी लोशन एक ऐसा सेगमेंट है, जिसमें संरचनात्मक मजबूती मौजूद है—बढ़ती डिस्पोजेबल आय, नए बाजारों और उपभोक्ताओं का विस्तार, पर्सनल केयर में बढ़ती परिपक्वता और डिजिटल कॉमर्स की बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को शिक्षित व आकर्षित करने की क्षमता।”

 

With inputs from IANS