
मैसूर। ऐतिहासिक मैसूर पैलेस के सामने हीलियम गुब्बारों के गैस सिलेंडर में हुए विस्फोट को लेकर कर्नाटक पुलिस ने साजिश की आशंका जताई है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले की गहन जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम जल्द ही घटनास्थल का दौरा कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, एनआईए के अधिकारी मौके पर पहुंचकर व्यापक जांच करेंगे। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि गुरुवार को हुआ यह विस्फोट कोई सामान्य या आकस्मिक घटना नहीं थी।
मैसूर पैलेस के सामने जयमार्थंडा गेट के पास हीलियम गुब्बारे बेच रहे सलीम की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मृतक 40 वर्षीय सलीम उत्तर प्रदेश का निवासी था और करीब 15 दिन पहले ही मैसूर आया था। वह पिछले एक सप्ताह से पैलेस के आसपास गुब्बारे बेच रहा था। स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने सलीम को इससे पहले कभी नहीं देखा था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, सलीम को सबसे पहले रात करीब 8.30 बजे पैलेस के वराह गेट के पास देखा गया था, जहां प्रवेश टिकट बेचे जाते हैं। इसके बाद वह जयमार्थंडा गेट की ओर गया, जो पैलेस का सामने का दृश्य होने के कारण आमतौर पर काफी भीड़भाड़ वाला रहता है। इसी स्थान पर हीलियम गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में सलीम की पहचान और पृष्ठभूमि से जुड़ी स्पष्ट जानकारी न मिलने के कारण जांच में कठिनाई आई। बाद में पता चला कि वह पिछले 15 दिनों से लश्कर मोहल्ला स्थित शरीफ लॉज में ठहरा हुआ था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एक गुब्बारा विक्रेता इतने लंबे समय तक लॉज में रहने का खर्च कैसे उठा सकता है।
पुलिस सलीम द्वारा लॉज प्रबंधन को दिए गए सभी दस्तावेजों और जानकारियों की सत्यापन कर रही है। इसके अलावा, पुलिस को ऐसी जानकारी भी मिली है कि सलीम अकेला नहीं था और मैसूर में अपने प्रवास के दौरान वह कई लोगों के साथ देखा गया था।
गौरतलब है कि विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि जयमार्थंडा गेट के पास गुब्बारे बेच रहे सलीम की मौके पर ही मौत हो गई और उसका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। इस घटना में बेंगलुरु के कामाक्षीपाल्या की लक्ष्मी, नंजनगुड की मंजुला, कोलकाता की शमीना शबील और राणेबेन्नूर के कोट्रेश गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों का फिलहाल मैसूर के के.आर. अस्पताल में इलाज चल रहा है।
क्रिसमस और नववर्ष समारोहों को ध्यान में रखते हुए पैलेस बोर्ड द्वारा 10 दिवसीय ‘मागी उत्सव’ फूल और फल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था, जिसकी शुरुआत रविवार को हुई थी। इस आयोजन के तहत हर रात सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम हो रहे थे। गुरुवार रात वासुकी वैभव मंडली का कार्यक्रम चल रहा था, तभी सिलेंडर विस्फोट की घटना हुई, जिसके बाद कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मैसूर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और क्रिसमस व नववर्ष के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, इसलिए पुलिस किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
With inputs from IANS