
नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से एक प्रेरणादायक संदेश साझा करते हुए लोगों से नए साल में दृढ़ संकल्प, स्पष्ट उद्देश्य और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
एक्स पर किए गए पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, “मैं कामना करता हूं कि आने वाले समय में आप अपने हर प्रयास में सफलता प्राप्त करें। दृढ़ निश्चय और इच्छाशक्ति के साथ नए साल में आपके सभी संकल्प पूरे हों।”
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसका भावार्थ है— “सफलता निश्चित है। मजबूत संकल्प करें, मन से पश्चाताप को दूर करें और सजग चित्त के साथ समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ें।”
संस्कृत विचारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बार फिर आधुनिक आकांक्षाओं को भारत की दार्शनिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने सफलता की नींव के रूप में आंतरिक शक्ति, मानसिक स्पष्टता और आत्मबल पर जोर दिया।
इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने नए साल के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने समाज में शांति, समृद्धि और समग्र कल्याण की कामना की थी।
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, “आप सभी को 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं। आने वाला वर्ष आपके लिए उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए, आपके प्रयासों में सफलता मिले और आपके कार्यों से संतोष प्राप्त हो। समाज में शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं।”
प्रधानमंत्री के नए साल के संदेशों में सामूहिक सौहार्द और व्यक्तिगत संतुष्टि की भावना झलकती है, साथ ही स्वास्थ्य, समृद्धि और सामाजिक शांति को आने वाले वर्ष की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया गया है।
इसके अलावा, गुरुवार को ही नए साल की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने जीवन के व्यापक उद्देश्य पर प्रकाश डालने वाला एक और संस्कृत श्लोक साझा किया। इस श्लोक का भावार्थ है कि जीवन का लक्ष्य ज्ञान, धन, वीरता, शक्ति, स्मरण शक्ति, स्वतंत्रता, कौशल, तेज, धैर्य और कोमलता जैसे गुणों से युक्त होना चाहिए।
पिछले दो दिनों में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ये संदेश प्रेरक मार्गदर्शन के साथ सांस्कृतिक और दार्शनिक चिंतन का संगम प्रस्तुत करते हैं, जो नागरिकों को दृढ़ संकल्प के साथ सफलता की ओर बढ़ने और व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सामाजिक कल्याण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।
With inputs from IANS