पंजाब में 15 वर्षीय किशोर जासूसी के आरोप में हिरासत में, पाकिस्तान को भेज रहा था गोपनीय जानकारीBy Admin Tue, 06 January 2026 07:55 AM

चंडीगढ़: पंजाब के पठानकोट से एक 15 वर्षीय किशोर को पुलिस ने जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया है। उस पर सोशल मीडिया के माध्यम से गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान भेजने का आरोप है। इस घटना के बाद बच्चों को निशाना बनाकर की जा रही जासूसी गतिविधियों को लेकर पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, जम्मू के सांबा जिले का निवासी यह किशोर पिछले करीब एक साल से पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलरों को भारत से जुड़ी अहम और संवेदनशील सूचनाएं भेज रहा था। उस पर सैन्य ठिकानों से जुड़ी तस्वीरें और जानकारी साझा करने का भी आरोप है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से चैट और कॉल रिकॉर्ड बरामद किए हैं।

पुलिस का कहना है कि किशोर यह मानता था कि उसके पिता की हत्या कर दी गई थी, जिससे वह भावनात्मक रूप से बेहद कमजोर हो गया था। इसी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर पाकिस्तानी एजेंसियों ने उसे अपने जाल में फंसाया।

पठानकोट में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने मीडिया को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि यह किशोर देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां आतंकी संगठनों के फ्रंटल संगठनों, आईएसआई और पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों तक पहुंचा रहा है। इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी एजेंसियों ने उसे अपने प्रभाव में लिया। पिता की मौत को लेकर उसके मन में संदेह और मानसिक तनाव के कारण वह आसानी से उनके जाल में फंस गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के जरिए जब उसकी बातचीत पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से जुड़ी पाई गई, तब पुलिस ने कार्रवाई की।

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोर अकेले काम नहीं कर रहा था। अधिकारियों को संदेह है कि कई अन्य बच्चे भी आईएसआई के संपर्क में हो सकते हैं।

इसको देखते हुए राज्य भर के सभी पुलिस थानों को सतर्क रहने और ऐसे अन्य बच्चों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें निशाना बनाया गया हो सकता है। इस मामले ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि जांच में आशंका जताई जा रही है कि आईएसआई जानबूझकर कम उम्र के बच्चों को जासूसी गतिविधियों के लिए भर्ती करने की कोशिश कर रही है। पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया कि यह रुझान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

 

With inputs from IANS