पुरानी दिल्ली की मस्जिद के पास तोड़फोड़ अभियान के दौरान पथराव, एफआईआर दर्ज; 10 लोग हिरासत मेंBy Admin Wed, 07 January 2026 05:49 AM

नई दिल्ली — पुरानी दिल्ली में एक मस्जिद के पास चलाए गए तोड़फोड़ अभियान के दौरान हुए पथराव की घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

यह घटना तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई, जो रामलीला मैदान के नजदीक है। यहां मंगलवार देर रात अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया था।

नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई मस्जिद से सटे और आसपास के इलाकों में कथित रूप से बने अवैध ढांचों को हटाने के लिए की गई। यह अभियान 12 नवंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया।

तोड़फोड़ की प्रक्रिया बुधवार तड़के शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में नगर निगम कर्मियों और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में 10 से 17 बुलडोजर लगाए गए थे।

जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे।

हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने और अशांति फैलने से रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में दंगा करने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, 10 लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

फिलहाल मामले से जुड़ी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

इससे पहले मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद सैयद इलाही की प्रबंधन समिति द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया था। याचिका में एमसीडी के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें मस्जिद और रामलीला मैदान के पास स्थित कब्रिस्तान से सटे क्षेत्र में कथित अतिक्रमण हटाने की बात कही गई थी।

हालांकि, नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अनधिकृत निर्माणों को लेकर अदालत के निर्देशों के अनुरूप ही की गई है।

 

With inputs from IANS