
कोलकाता- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी और तलाशी अभियान को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में आज तीन समानांतर याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी।
न्यायमूर्ति सुव्र घोष की एकल पीठ शुक्रवार को इन तीनों याचिकाओं पर विचार करेगी। ये छापे गुरुवार को कोलकाता के उत्तरी उपनगर साल्ट लेक स्थित आई-पैक कार्यालय और मध्य कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर डाले गए थे।
मुख्य याचिका ईडी की ओर से दायर की गई है, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने इन दोनों स्थानों पर छापेमारी और तलाशी के दौरान केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के आधिकारिक कार्य में बाधा उत्पन्न की।
ईडी की इस मुख्य याचिका के खिलाफ दो प्रतियाचिकाएं दायर की गई हैं—एक स्वयं प्रतीक जैन की ओर से और दूसरी तृणमूल कांग्रेस की ओर से।
तृणमूल कांग्रेस ने अपनी प्रतियाचिका में आरोप लगाया है कि चूंकि आई-पैक पार्टी की वोटर-स्ट्रैटेजी एजेंसी के रूप में काम कर रही है, इसलिए ईडी की छापेमारी का उद्देश्य 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से जुड़ी तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति के दस्तावेज जब्त करना और उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ साझा करना था।
गौरतलब है कि गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ईडी पर यही आरोप लगाए थे। वह राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहले प्रतीक जैन के आवास और फिर आई-पैक के कार्यालय पहुंची थीं। इस दौरान कुछ फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज साथ ले जाने का भी आरोप लगा।
हालांकि, गुरुवार को ही हाईकोर्ट जाने से पहले ईडी ने एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज किया था। ईडी ने कहा था कि यह छापेमारी कथित कोयला तस्करी सिंडिकेट के सिलसिले में की गई है, जिसका नेतृत्व अनुप माजी कर रहा था, और इसका आई-पैक के किसी भी राजनीतिक दल से संबंध से कोई लेना-देना नहीं है।
अब शुक्रवार को सबकी निगाहें कलकत्ता हाईकोर्ट पर टिकी हैं, जहां न्यायमूर्ति घोष की पीठ ईडी की मुख्य याचिका और प्रतीक जैन व तृणमूल कांग्रेस की दो प्रतियाचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री शुक्रवार को ईडी की कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी। वह दक्षिण कोलकाता के जादवपुर से हाजरा क्रॉसिंग तक एक विरोध रैली का नेतृत्व करेंगी। यह रैली दोपहर 2 बजे शुरू होगी।
वहीं, माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य और पश्चिम बंगाल में पार्टी के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा है कि ईडी अधिकारियों को हाईकोर्ट जाने के बजाय पहले मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करना चाहिए था, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को उनके कर्तव्य पालन में बाधा पहुंचाई।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि यदि प्रवर्तन निदेशालय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ छापेमारी के दौरान अधिकारियों को रोकने के आरोप में कार्रवाई नहीं करता है, तो इससे राज्य की जनता के बीच गलत संदेश जाएगा।
With inputs from IANS