गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए सरकार सख्त, ‘10 मिनट डिलीवरी’ वादे हटाने को कहाBy Admin Tue, 13 January 2026 09:08 AM

नई दिल्ली - केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को प्रमुख फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से ‘10 मिनट डिलीवरी’ जैसे सख्त समयबद्ध वादों को खत्म करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि डिलीवरी की रफ्तार से पहले डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

मांडविया ने यहां ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म्स और प्रचार सामग्री से कड़े डिलीवरी समय-सीमा के दावों को हटाने की सलाह दी।

सरकारी हस्तक्षेप के बाद ब्लिंकिट ने अपने सभी ब्रांड प्लेटफॉर्म्स से “10 मिनट डिलीवरी” का दावा हटाए जाने की जानकारी दी है। वहीं, सभी कंपनियों ने सरकार को आश्वासन दिया कि वे अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से डिलीवरी समय से जुड़े वादों को हटा देंगी।

इस कदम को डिलीवरी पार्टनर्स के कामकाजी हालात सुधारने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। अक्सर भीड़भाड़ वाली सड़कों पर तय समय में डिलीवरी पूरी करने का दबाव गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाता है।

हाल के हफ्तों में गिग वर्कर्स की सुरक्षा और अधिकारों का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भी डिलीवरी पार्टनर्स की चुनौतियों को लगातार उठाते रहे हैं।

सोमवार को चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह राजधानी की सड़कों पर एक दिन डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करते नजर आए। क्विक-कॉमर्स कंपनी की जैकेट पहनकर और दोपहिया वाहन पर पीछे बैठकर वह दिल्ली के ट्रैफिक में पार्सल डिलीवर करते दिखे।

वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि वह बोर्डरूम और नीतिगत चर्चाओं से दूर, जमीनी स्तर पर गिग वर्कर्स की जिंदगी को समझना चाहते थे।

इससे पहले इस महीने चड्ढा ने गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा के मसौदा नियम जारी होने का स्वागत किया था और इसे उनके काम को पहचान, सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में पहला कदम बताया था।

उन्होंने नए साल की पूर्व संध्या पर गिग वर्कर यूनियनों द्वारा किए गए देशव्यापी प्रतीकात्मक हड़ताल को भी समर्थन दिया था। इस हड़ताल में कई राज्यों में हजारों डिलीवरी पार्टनर्स ने ऐप्स से लॉगआउट किया या काम कम किया, जिससे साल के सबसे व्यस्त दिनों में डिलीवरी में देरी और रद्दीकरण देखने को मिला।

चड्ढा ने गिग वर्कर्स की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि वे भारत की शहरी कार्यशक्ति और अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा हैं।

—आईएएनएस