
मुंबई - राज्यभर में नगर निगमों के लिए गुरुवार सुबह 7.30 बजे शुरू हुआ मतदान प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ गया। इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण वन मंत्री गणेश नाइक बने, जिन्हें नवी मुंबई नगर निगम में अपना वोट डालने से पहले करीब एक घंटे तक एक बूथ से दूसरे बूथ भटकना पड़ा।
सुबह से ही मतदाता सूचियों में नाम न होने, ईवीएम के खराब होने और बटन के काम न करने की शिकायतें सामने आने लगीं। बड़ी संख्या में मतदान के लिए पहुंचे नागरिकों को इन खामियों के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मुंबई, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे शहरों में कई मतदान केंद्रों पर मशीनें काम नहीं कर रही थीं, जिससे मतदान की शुरुआत ही बाधित हो गई।
करीब एक घंटे की अफरा-तफरी के बाद वन मंत्री गणेश नाइक और उनके परिवार के सदस्य मतदान कर सके। नाइक ने राज्य निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि व्यवस्था पूरी तरह से “काम नहीं कर रही” है। सुबह 7.30 बजे से ही भ्रम की स्थिति शुरू हो गई थी। मंत्री गणेश नाइक, उनके बेटे और पूर्व सांसद संजीव नाइक तथा बहू कल्पना नाइक दो अलग-अलग मतदान केंद्रों पर गए, लेकिन वहां उनका नाम मतदाता सूची में नहीं मिला। अंततः कोपरखैरणे स्थित सेंट मैरी हाई स्कूल में उनके नाम मिले। हालांकि, उनके भतीजे और पूर्व महापौर सागर नाइक तथा उनकी पत्नी के नाम एक अलग मतदान केंद्र पर दर्ज थे।
जो परिवार वर्षों से एक ही बूथ पर मतदान करता आया है, उसे इस बार निर्वाचन आयोग की अव्यवस्था के कारण अलग-अलग स्थानों पर वोट डालना पड़ा। मंत्री नाइक ने कहा, “अगर मेरे जैसे मंत्री का नाम मतदाता सूची में नहीं मिलता, तो आम मतदाताओं की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।” गौरतलब है कि गणेश नाइक नवी मुंबई में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं और उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के खिलाफ कड़ा मुकाबला किया है।
मीरा-भायंदर में जागरूकता अभियानों की कमी के चलते कई मतदाता अपने निर्धारित मतदान केंद्रों को लेकर असमंजस में नजर आए और बूथ ढूंढते हुए सड़कों पर भटकते रहे।
मुंबई के मराठी बहुल इलाके लालबाग की चिवड़ा गली में ईवीएम करीब 30 मिनट की देरी से शुरू हुई। शिवसेना (यूबीटी) नेता सुधीर साल्वी ने मतदाताओं को लंबा इंतजार कराए जाने पर नाराजगी जताई।
कुर्ला (मुंबई) के कामगार नगर स्थित पंत वालावलकर स्कूल में मतदाताओं ने चुनाव कर्मचारियों के असहयोग का आरोप लगाया। बिना पर्याप्त सूचना के मतदाता नाम, केंद्र और बूथ नंबर बदले जाने से भ्रम की स्थिति और बढ़ गई।
छत्रपति संभाजीनगर में गुजराती कन्या विद्यालय में ईवीएम खराब होने के बाद भारी अव्यवस्था फैल गई। मशीन को ठीक करने में करीब एक घंटा लग गया, इस दौरान लोग लंबी कतारों में खड़े रहे।
सोलापुर में संगमेश्वर पब्लिक स्कूल में सुबह 7.30 बजे से ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतदान रुका रहा और करीब 45 मिनट बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू हो सकी।
नागपुर के वार्ड 28 में आराधना नगर स्थित जीआरके कॉन्वेंट में भी तकनीकी खराबी के कारण करीब 40 मिनट तक मतदान में देरी हुई। ईवीएम बदले जाने के बाद ही मतदान शुरू हो पाया।
With inputs from IANS