
नई दिल्ली - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और इस दिन को राष्ट्र की सेवा में अडिग संकल्प के साथ कार्य करने वाले सैनिकों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को समर्पित बताया।
अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सेना ने देश की सीमाओं की रक्षा करने से लेकर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों की जान बचाने तक, हर परिस्थिति में पेशेवराना उत्कृष्टता, प्रतिबद्धता और वीरता की सर्वोच्च परंपराओं को निरंतर बनाए रखा है।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना के पराक्रम और उल्लेखनीय सफलता की भी सराहना की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “मैं सेना दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय सेना को हार्दिक बधाई देती हूं। सेना दिवस हमारे उन वीर सैनिकों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराता है, जो राष्ट्र की सेवा में सदैव तत्पर रहते हैं। भारतीय सेना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा की रीढ़ है।”
उन्होंने आगे कहा, “सीमाओं की रक्षा और प्राकृतिक आपदाओं के समय जीवन रक्षा के कार्यों में भारतीय सेना ने हमेशा पेशेवर दक्षता, प्रतिबद्धता और वीरता की सर्वोच्च मिसाल पेश की है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के शौर्य और शानदार सफलता के लिए मैं उसे सराहना करती हूं।”
राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि भारतीय सेना आगे भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी और देश की आर्थिक प्रगति व समावेशी विकास में योगदान देती रहेगी।
सैनिकों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि देश भारतीय सेना के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा और सभी रैंकों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में निरंतर सफलता, शक्ति और गौरव की कामना की।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय सेना को श्रद्धांजलि अर्पित की और उसके साहस व अटूट प्रतिबद्धता को सलाम किया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सेना दिवस पर हम भारतीय सेना के साहस और दृढ़ संकल्प को नमन करते हैं। हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अडिग रहते हुए राष्ट्र की रक्षा करते हैं। कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता का भाव जगाती है।”
प्रधानमंत्री ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को भी याद करते हुए कहा, “हम उन सभी सैनिकों को गहरे सम्मान के साथ स्मरण करते हैं, जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी।”
With inputs from IANS