
नई दिल्ली, संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी नई शैक्षणिक दिशानिर्देशों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। इस फैसले से देशभर के लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिली है, जो इन गाइडलाइंस को लेकर असमंजस और दबाव में थे।
यूजीसी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में परीक्षाओं और शैक्षणिक सत्र से जुड़े कुछ प्रावधान शामिल थे, जिन पर छात्रों और शिक्षण संस्थानों ने आपत्ति जताई थी। छात्रों का कहना था कि सभी के पास समान संसाधन उपलब्ध नहीं हैं और इन नियमों को लागू करना व्यावहारिक नहीं है।
मामले की सुनवाई के दौरान छात्रों की ओर से दलील दी गई कि जल्दबाज़ी में लिए गए फैसले उनके भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए कहा कि समानता और न्याय के सिद्धांतों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि यूजीसी की गाइडलाइंस पर अगली सुनवाई तक रोक रहेगी। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसरों में राहत का माहौल देखा गया। कई छात्र संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम है। मामले की अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी।