
बारामती- महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को स्पष्ट किया कि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर उनसे कोई परामर्श नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के पुनर्मिलन को लेकर लगभग सहमति बन चुकी थी और इसका औपचारिक ऐलान 12 फरवरी को अजित पवार करने वाले थे।
शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सुनेत्रा पवार से इस विषय पर मेरी कोई चर्चा नहीं हुई। मुझे भी शपथ ग्रहण समारोह की जानकारी सुबह के समाचारों के जरिए ही मिली।”
एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर उन्होंने पुष्टि की कि अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच पुनर्मिलन को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई थी और यह प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में थी। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार 12 फरवरी को इसका औपचारिक ऐलान करने वाले थे।
शरद पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन चर्चाओं के दौरान वह सीधे तौर पर शामिल नहीं थे और बातचीत का नेतृत्व अजित पवार व जयंत पाटिल कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “अजित दादा की इच्छा थी कि दोनों एनसीपी एक साथ आएं और यही हमारी भी इच्छा थी।”
वरिष्ठ पवार ने कहा कि अजित पवार के अचानक निधन से अब इन विलय वार्ताओं में विराम लग गया है। आगे की रणनीति अब दोनों पक्षों के नेताओं पर निर्भर करेगी।
उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों से पार्टी को एकजुट करने को लेकर बातचीत चल रही थी और रोडमैप स्पष्ट था, लेकिन जिनके प्रयासों से यह प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी, उनके नहीं रहने से अब यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
शरद पवार ने कहा, “जो चला गया, उसे हम वापस नहीं ला सकते। मौजूदा स्थिति का सामना करना एक चुनौती है और अब किसी को अजित पवार की जिम्मेदारी संभालनी होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार या रोहित पवार को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर कोई जानकारी नहीं है और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व की मांग उनके अपने गुट के भीतर से आ रही है।
सुनेत्रा पवार की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने खुद को इस फैसले से अलग रखा। उन्होंने कहा, “वह पार्टी (एनसीपी) उनकी है, वही उसे चलाएंगे। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेताओं को ऐसे फैसले लेने का अधिकार है। मैं उनकी आंतरिक राजनीति पर टिप्पणी नहीं करूंगा। हमारे राजनीतिक रास्ते अलग हैं। परिवार इस दुख की घड़ी में एक है, लेकिन राजनीति अलग है।”
अजित पवार की विरासत पर बात करते हुए शरद पवार ने अपने भतीजे को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “अजित एक सक्षम नेता थे, जिनका आम लोगों से गहरा संवाद था। उन्हें जनता की समस्याओं की गहरी समझ थी और वे न्याय दिलाने के लिए निरंतर काम करते थे। उनका दिन सुबह तड़के शुरू होता था। अगर वह आज हमारे साथ होते, तो घर पर नहीं बैठते, बल्कि मैदान में काम कर रहे होते।”
उन्होंने इस क्षति को परिवार और राज्य दोनों के लिए अपूरणीय नुकसान बताया।
With inputs from IANS