केंद्र ने विकासशील शहरों को जोड़ने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव रखाBy Admin Sun, 01 February 2026 06:38 AM

नई दिल्ली - केंद्र सरकार ने देश के प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2026-27 भाषण में कहा कि ये कॉरिडोर ‘ग्रोथ कनेक्टर’ के रूप में काम करेंगे, जिससे यात्रा समय कम होगा, प्रदूषण घटेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल मार्गों में मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन कॉरिडोरों के माध्यम से देश के वित्तीय केंद्रों, तकनीकी हब, विनिर्माण क्लस्टरों और उभरते शहरों को तेज और स्वच्छ परिवहन सुविधा से जोड़ा जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा, “पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए हम शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो विकास को जोड़ने वाली कड़ियों के रूप में काम करेंगे।”

अपने भाषण में उन्होंने यह भी बताया कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को समर्थन देने के लिए बैंकिंग क्षेत्र पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति पूरे बैंकिंग तंत्र की समीक्षा कर आर्थिक विकास के अगले चरण के अनुरूप सुधारों का सुझाव देगी, साथ ही वित्तीय स्थिरता, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण पर भी ध्यान देगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली अब मजबूत स्थिति में है, जहां बैंकों की बैलेंस शीट सुदृढ़ है, मुनाफा बढ़ा है और गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों पर बेहतर नियंत्रण स्थापित हुआ है।

उन्होंने यह भी बताया कि विदेशी निवेशकों के लिए विदेशी मुद्रा कानूनों के तहत गैर-ऋण निवेश से जुड़े नियमों की समीक्षा की जाएगी, ताकि उन्हें देश की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप अधिक आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जा सके।

इसके अलावा, श्रम-प्रधान वस्त्र क्षेत्र के लिए पांच प्रमुख घटकों वाला एक एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है, जिसमें पहला घटक राष्ट्रीय फाइबर योजना है। इसका उद्देश्य रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक रेशों के साथ-साथ मानव-निर्मित और नई औद्योगिक युग की फाइबर में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।

 

With inputs from IANS