
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के मसौदे पर दावे और आपत्तियों की सुनवाई पूरी करने की समयसीमा समाप्त होने में केवल तीन दिन शेष हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार लगभग 15 लाख मतदाताओं की सुनवाई इन तीन दिनों में पूरी करनी होगी। सुनवाई प्रक्रिया की अंतिम तिथि 7 फरवरी है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।
अब तक प्रतिदिन हो रही सुनवाई के रुझान को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) समयसीमा पूरी होने को लेकर आश्वस्त है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र ने बताया, “फिलहाल 6,500 सुनवाई केंद्रों पर यह प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में अगले तीन दिनों तक प्रत्येक केंद्र को प्रतिदिन लगभग 76 मामलों की सुनवाई करनी होगी, जो कोई कठिन कार्य नहीं है।”
इसका मतलब यह भी है कि सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ में 9 फरवरी को होने वाली एसआईआर से संबंधित अगली सुनवाई से पहले यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भी इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय की पीठ के सामने पक्ष रखने की संभावना है, जैसा उन्होंने बुधवार को किया था।
पश्चिम बंगाल में एसआईआर अभ्यास की सुनवाई प्रक्रिया पिछले वर्ष 27 दिसंबर से शुरू हुई थी। शुरुआती दौर में प्रक्रिया धीमी रही, लेकिन बाद में प्रत्येक केंद्र पर अधिकारियों की संख्या बढ़ाने और सुनवाई केंद्रों की संख्या में वृद्धि के बाद कार्य में तेजी आई।
14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ पश्चिम बंगाल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा करेगी। इसके बाद राज्य विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी।
सीईओ कार्यालय पहले ही निर्वाचन आयोग को सुझाव दे चुका है कि चुनाव प्रक्रिया अधिकतम दो चरणों में पूरी की जाए, जबकि पिछले कुछ चुनावों में राज्य में सात से आठ चरणों में मतदान कराया गया था।
अनुमान है कि चुनाव अप्रैल के अंत तक पूरे हो जाएंगे और मई के पहले सप्ताह तक राज्य में नई कैबिनेट का गठन हो सकता है।
With inputs from IANS