सुरक्षा सहयोग से द्विपक्षीय भुगतान व्यवस्था तक: भारत और मलेशिया ने छह अहम समझौतों पर किए हस्ताक्षरBy Admin Sun, 08 February 2026 11:12 AM

कुआलालंपुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को कुआलालंपुर में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत और मलेशिया के बीच छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर की निगरानी की। इन समझौतों के जरिए दोनों देशों ने सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय आधिकारिक मलेशिया यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा के बाद इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।

वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा डिजिटल और उभरती तकनीकों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। दोनों देशों ने पारंपरिक और आधुनिक क्षेत्रों में साझेदारी विस्तार की इच्छा भी जताई।

इस यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय समझौते और सहमति पत्रों का आदान-प्रदान किया गया, जिनमें सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भागीदारी, सेमीकंडक्टर विकास, स्वास्थ्य और चिकित्सा, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार निरोधक प्रयास, ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण, व्यावसायिक शिक्षा और मलेशिया में भारतीय कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान यूनिवर्सिटी मलाया में ‘तिरुवल्लुवर केंद्र’ स्थापित करने और तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति शुरू करने की भी घोषणा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य प्राचीन तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर के विचारों और शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार करना तथा भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक और जन-से-जन संपर्क को मजबूत करना है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में भारत का पहला वाणिज्य दूतावास खोलने की घोषणा की, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध मजबूत होंगे और वहां रहने या यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को बेहतर सहायता मिल सकेगी।

हस्ताक्षरित समझौतों में यूनिवर्सिटी ऑफ साइबरजया और आईटीआरए जामनगर के बीच सहयोग को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह साझेदारी पारंपरिक चिकित्सा, विशेष रूप से आयुर्वेद के क्षेत्र में अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी तथा समग्र स्वास्थ्य सेवाओं और ज्ञान के आदान-प्रदान को विस्तार देगी।

कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बेहतर बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की सहायक कंपनी एनआईपीएल और मलेशिया की पेनेट ने द्विपक्षीय भुगतान प्रणाली विकसित करने पर सहमति जताई है। इसमें यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से एकीकरण भी शामिल होगा। इस पहल से दोनों देशों के पर्यटकों, छात्रों और व्यापारिक समुदाय के लिए कम लागत और सुगम भुगतान व धन प्रेषण की सुविधा उपलब्ध होगी।

एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में मलेशिया ने अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस में शामिल होने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, जिसका उद्देश्य बड़ी बिल्ली प्रजातियों और जैव विविधता का वैश्विक संरक्षण है।

इस यात्रा के दौरान 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम की रिपोर्ट भी दोनों नेताओं को सौंपी गई। इस रिपोर्ट में व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने, व्यापार और निवेश के अवसर बढ़ाने तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के सुझाव और विश्लेषण शामिल हैं।

 

With inputs from IANS