
अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया घटनाक्रम ने पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। आइए पूरे घटनाक्रम को संक्षेप और संतुलित रूप में समझते हैं:
पाकिस्तान के सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, सीमा के एक संवेदनशील क्षेत्र में कई सैन्य चौकियों पर भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने समन्वित हमला किया।
इस हमले में 50 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और कई के घायल होने की खबर है।
हमले में उन्नत हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया, जिससे सैन्य ढांचे को भारी नुकसान हुआ।
पाकिस्तान का कहना है कि हमलावरों ने अफ़गानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया।
इस्लामाबाद ने आरोप लगाया कि काबुल प्रशासन अपने क्षेत्र से पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली गतिविधियों को रोकने में विफल रहा है।
पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने इसे हाल के वर्षों के सबसे गंभीर हमलों में से एक बताया।
पाकिस्तान ने अफ़गान क्षेत्र में उन स्थानों पर “सटीक एयरस्ट्राइक” करने का दावा किया, जिन्हें उसने आतंकी ठिकाने बताया।
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि आम नागरिक इलाकों को निशाना नहीं बनाया गया।
काबुल प्रशासन ने इन हवाई हमलों की कड़ी निंदा की और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
अफ़गान अधिकारियों का आरोप है कि कुछ नागरिक क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत की अपील की है।
अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा (ड्यूरंड लाइन) लंबे समय से विवाद और तनाव का केंद्र रही है।
दोनों देशों के बीच अक्सर सीमा पार हमलों और घुसपैठ के आरोप लगते रहे हैं।
मौजूदा हालात से बड़े सैन्य टकराव की आशंका बढ़ी है, हालांकि राजनयिक संपर्क जारी बताए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता व्यक्त की है।