
मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े टकराव की दहलीज पर खड़ा है। इज़राइल ने ईरान पर ताज़ा हवाई हमले किए हैं। इसके बाद पूरे देश में आपातकालीन कदम उठाए गए हैं और राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय संकट गहराता जा रहा है।
तेल अवीव से आई खबरों के मुताबिक, इज़राइली वायुसेना ने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया। तेहरान के कुछ हिस्सों में धमाकों और धुएं के गुबार देखे गए। इज़राइली अधिकारियों ने इसे “पूर्व-निरोधात्मक कार्रवाई” बताया है।
हमले के तुरंत बाद पूरे इज़राइल में सायरन बजने लगे। सरकार ने आपातकाल घोषित कर राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। सभी नागरिक और वाणिज्यिक उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम संभावित ईरानी जवाबी हमले की आशंका को दर्शाता है।
यह पिछले एक वर्ष में इज़राइल और ईरान के बीच दूसरी बड़ी सीधी सैन्य भिड़ंत है। दोनों देशों के बीच तनाव महीनों से बढ़ रहा था, खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर। इज़राइल लंबे समय से इसे अपने अस्तित्व के लिए खतरा बताता रहा है।
जून 2025 में भी दोनों देशों के बीच खुला सैन्य टकराव हुआ था। उस दौरान इज़राइल ने ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जवाब दिया। लगभग दो सप्ताह तक संघर्ष जारी रहा।
इस पूरे घटनाक्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका की भूमिका भी अहम रही है। वॉशिंगटन ने पहले भी ईरानी परमाणु ठिकानों पर कार्रवाई को परमाणु प्रसार रोकने के लिए जरूरी बताया था, जबकि तेहरान ने इसे आक्रामकता करार दिया।
फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। दुनिया की निगाहें मध्य पूर्व पर टिकी हैं, जहां किसी भी जवाबी कार्रवाई से व्यापक क्षेत्रीय युद्ध भड़क सकता है। क्या कूटनीतिक प्रयास तनाव को कम कर पाएंगे, या हालात और बिगड़ेंगे, यह आने वाले घंटों में साफ होगा।