आम आदमी पार्टी को करारा झटका, राघव चड्डा समेत तीन राज्यसभा सांसद थामेंगे भाजपा का झण्डा By Admin Fri, 24 April 2026 05:44 PM

NEW DELHI : पूरे देश का ध्यान इस समय पाँच राज्यों मे हो रहे विधानसभा चुनाव पर है वहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरिवाल की पार्टी आप को उनके ही सहयोगियों ने करारा झटका दिया है। पार्टी के तीन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल और संदीप पाठक आप से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामेंगे. तीनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने फैसले की घोषणा की. राघव चड्ढा ने मीडिया से बातचीत में कहा राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य हैं, संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए खुद को BJP में विलय करने का फैसला करते हैं. उनके साथ मंच पर संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे. यह कदम अरविंद केजरीवाल और AAP नेतृत्व के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है, क्योंकि तीनों नेता पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे और 2022 से राज्यसभा में AAP का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. 

कौन हैं संदीप पाठक 
रिपोर्ट्स के अनुसार संदीप पाठक का जन्म छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के बताहा गांव में किसान परिवार में हुआ. शुरुआती पढ़ाई उन्होंने अपने गांव में छठी कक्षा तक की. आगे की पढ़ाई के लिए वे बिलासपुर चले गए, जहां अपनी बुआ के घर रहकर पढ़ाई जारी रखी. उन्होंने छत्तीसगढ़ में मास्टर्स किया. इसके बाद उनका सफर देश के बड़े शोध संस्थानों तक पहुंचा. वे हैदराबाद के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी और पुणे के नेशनल केमिकल लेबोरेटरी में पढ़ाई और शोध से जुड़े रहे. यहीं से उनका रास्ता विदेश की ओर खुला. संदीप पाठक ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज से हाई टेम्परेचर सुपरकंडक्टिंग मटेरियल पर पीएचडी की. इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और MIT जैसे संस्थानों में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च भी किया. साल 2016 में संदीप पाठक IIT दिल्ली में फैकल्टी के रूप में जुड़े. राजनीति में आने से पहले वे शिक्षा और शोध की दुनिया में बड़ा नाम कमा चुके थे. राजनीति में उनकी भूमिका 2022 के पंजाब चुनाव के दौरान सामने आई, जहां वे पर्दे के पीछे रणनीति बनाने में सक्रिय रहे. इसी काम को देखते हुए AAP ने उन्हें राज्यसभा भेजा.
अशोक मित्तल का कारोबारी से राज्यसभा का सफर

अशोक मित्तल का जन्म 10 सितंबर 1964 को हुआ. वे एक सफल कारोबारी और शिक्षा क्षेत्र के बड़े नाम के रूप में जाने जाते हैं. वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक और चांसलर हैं. शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान काफी बड़ा माना जाता है. पढ़ाई की बात करें तो अशोक मित्तल ने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से कानून (Law) की पढ़ाई की है. इसके अलावा, साल 2022 में उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी मिली. 2022 के पंजाब चुनाव के बाद अशोक मित्तल ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा. AAP ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया और वे बिना किसी विरोध के चुने गए. बाद में वे संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी बने.