
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी अब बुलडोजर अभियान के शिकार हो गए हैं। इनका भी घर नियमों के आड़े आया तो वे सरकार के नियम के साथ ही रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के घर की सीढ़ियों पर ही बुलडोजर चल गया। यह जानकारी खूब मुख्यमंत्री ने तारापुर की एक सभा मे दी। अपने गृह क्षेत्र तारापुर में एक सभा को संबोधित करते सम्राट चौधरी ने बुलडोजर अभियान पर बड़ा राज खोला। उन्होंने कहा 'देखिए कुछ कष्ट तो होता ही है। मुझे ही रिपोर्ट मिली कि एक हफ्ते पहले मेरे तारापुर वाले घर पर भी बुलडोजर चला। बताया गया कि आपके घर की सीढ़ी तोड़ी जा रही है। यह बात समझ लीजिए कि जब मेरा घर टूट सकता है, तो किसी और का कैसे बच सकता है। निजी जमीन पर आपका मकान है तो कोई बात नहीं, लेकिन सरकारी जमीन पर बना है तो उसे ध्वस्त होना ही होगा। जनता की अपेक्षा है कि सुंदर बिहार, विकसित बिहार बनाना है। पीएम नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के सपनों को साकार करना है।'
गौरतलब है कि अतिक्रमण हटाने के लिए बिहार में बुलडोजर अभियान काफी गंभीरता से नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह (24-25 नवंबर) में NDA सरकार के गठन के बाद तेजी से शुरू हुआ। नई सरकार के शपथ लेने के तुरंत बाद, समस्तीपुर से इसकी शुरुआत हुई थी। इसके बाद तो पटना, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, तारापुर और सीतामढ़ी जैसे शहरों में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाए गए।
दरअसल ,अतिक्रमण को ले कर कई शहरों से सूचना मिल रही थी कि सड़कें संकीर्ण होती जा रही हैं। अक्सर लोगों को सड़क जाम से घंटो जूझना पड़ता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जब उप मुख्यमंत्री रहते गृह विभाग देख रहे थे तब उन्होंने सड़क जाम से निजात हेतु अभियान छेड़ा। बिहार के तत्कालीन गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने अवैध कब्जों, संगठित अपराध और जमीन माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत इस अभियान की शुरुआत की।