
कोलकाता: Suvendu Adhikari ने शनिवार को West Bengal के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ राज्य मंत्रिपरिषद के पांच अन्य सदस्यों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।
शपथ लेने वाले अन्य नेताओं में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Dilip Ghosh, फैशन डिजाइनर से राजनेता बनीं और दो बार विधायक रहीं Agnimitra Paul, पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Nisith Pramanik, Ashok Kirtania और Khudiram Tudu शामिल हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बाद सबसे पहले दिलीप घोष ने शपथ ली। इसके बाद अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक ने शपथ ग्रहण की। हालांकि खबर लिखे जाने तक मंत्रियों के विभागों की घोषणा नहीं की गई थी।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा ने मंत्रिमंडल में विभिन्न सामाजिक और जातीय वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। अशोक किर्तनिया मतुआ समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि खुदीराम टुडू आदिवासी समाज से आते हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मतुआ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया था।
वहीं दिलीप घोष अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से आते हैं, जबकि अग्निमित्रा पॉल कायस्थ परिवार से हैं। निशीथ प्रमाणिक उत्तर बंगाल के प्रभावशाली राजबंशी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां भाजपा ने इस बार तृणमूल कांग्रेस को कड़ी चुनौती दी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने शुरुआती मंत्रिमंडल के जरिए सामाजिक संतुलन और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संकेत दिया है।
चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से जब भी बंगाल के संभावित मुख्यमंत्री को लेकर सवाल पूछा गया था, तब उन्होंने कहा था कि भाजपा का मुख्यमंत्री “माटी का बेटा, बंगाली और बंगला माध्यम से पढ़ाई करने वाला” होगा। शुभेंदु अधिकारी इन सभी मानकों पर फिट बैठते हैं।
इस बीच All India Trinamool Congress ने अभी तक विधानसभा में विपक्ष के नेता के नाम का ऐलान नहीं किया है। यह वही पद है, जिस पर 2021 से 2026 तक शुभेंदु अधिकारी रहे थे।
With inputs from IANS