
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अनंतनाग में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी शहीद हो गए। वहीं, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर आतंकियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान की निगरानी की।
डीजीपी नलिन प्रभात, स्पेशल डीजीपी जाविद मुजतबा गिलानी और कश्मीर के आईजीपी वी.के. बर्डी अनंतनाग पहुंचे और हमलावरों की तलाश में चल रहे सर्च ऑपरेशन का जायजा लिया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उन्होंने डीजीपी नलिन प्रभात से बात कर घटना की जानकारी ली है।
उन्होंने लिखा, "मैं इस कायराना आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इस जघन्य अपराध के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"
एलजी ने शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "मेरी गहरी संवेदनाएं शहीद आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार के साथ हैं। पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।"
उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर मौजूद हैं और हमलावरों को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
इस बीच, अनंतनाग पुलिस ने आम लोगों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने बिना अनुमति वाली तस्वीरें, वीडियो और अपुष्ट जानकारी साझा करने पर चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स और प्लेटफॉर्म इस घटना से जुड़े एडिट किए गए वीडियो, फर्जी तस्वीरें और भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं। इससे जांच प्रभावित हो सकती है, लोगों में दहशत फैल सकती है और अफवाहों को बढ़ावा मिल सकता है।
पुलिस ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और यूजर्स से ऐसे सभी फर्जी या अनधिकृत कंटेंट को तुरंत हटाने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि सार्वजनिक सूचना जारी होने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति इस तरह की सामग्री साझा करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने या आगे भेजने से बचें। घटना से जुड़ी सही और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल पुलिस और अधिकृत सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी अपडेट पर ही भरोसा करें।
पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अफवाहों को रोकना सभी की साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए आम जनता के सहयोग की आवश्यकता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाइक सवार आतंकियों ने अनंतनाग शहर में गश्त के दौरान हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पर गोलीबारी कर दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। आशिक हुसैन कुरैशी भारतीय रिजर्व पुलिस (आईआरपी) की तीसरी बटालियन में तैनात थे और बडगाम जिले के बीरवाह क्षेत्र के रहने वाले थे।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे अनंतनाग शहर में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। शहर के सभी प्रवेश और निकास मार्गों को सील कर हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है।
With inputs from IANS
