चमोली में सुरंग हादसा: पानी और मलबे की तेज धार से सात की मौत, सीएम धामी आज करेंगे घटनास्थल का दौराBy Admin Fri, 14 August 2026 11:47 AM

Photo: IANS

उत्तराखंड के चमोली जिले में एक निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में कम से कम सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

मृतकों की पहचान प्रदीप सिंह पंवार, मुकेश, दुर्लभ सिंह, विजय, जितेंद्र कुमार, लोकेश्वर और भुवनेश्वर के रूप में हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को सुरंग हादसे वाली जगह का दौरा कर राहत एवं बचाव अभियान की स्थिति का जायजा लेंगे। वह मौके पर मौजूद अधिकारियों से घटनाक्रम और अब तक चलाए गए बचाव अभियान की जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री बचाए गए और घायल श्रमिकों से भी मुलाकात करेंगे।

धामी गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल लोगों का हालचाल जानेंगे। वह अस्पताल में घायलों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं और इलाज की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण करेंगे।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक 13 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हादसे के समय टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (THDC) की परियोजना स्थल पर करीब 25 श्रमिक मौजूद थे।

चमोली के पिपलकोटी में निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा घुस आया। तेज बहाव के साथ आए मलबे ने सुरंग के भीतर काम कर रहे श्रमिकों को अपनी चपेट में ले लिया और कई लोगों को सुरंग के मुहाने की ओर बहा दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सुरंग को भी काफी नुकसान पहुंचा।

स्थानीय विधायक लखपत बुटोला ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि प्रशासन का पूरा ध्यान बचाव अभियान पर है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीम और उनके सहयोगी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और बचाव कार्य में जुटे लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे सुरंग में अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा दाखिल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही बचाव एवं राहत एजेंसियों को सक्रिय किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। वह वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार रियल-टाइम अपडेट लेकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच सुरंग में फंसे श्रमिकों की तलाश कर रही हैं। सुरंग के भीतर मलबे और पानी की मौजूदगी के कारण बचाव दलों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

हादसे का संबंध क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश से भी जोड़ा जा रहा है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इसी सप्ताह चमोली की नीति घाटी में नदी का जलस्तर बढ़ने से एक पुल भी बह गया था। घटना के सामने आए वीडियो में तेज बहाव के साथ आया मलबा और पानी धातु से बने पुल से टकराता और कुछ ही सेकंड में उसे बहा ले जाता दिखाई दिया था।

मुख्यमंत्री धामी के दौरे के बाद राहत एवं बचाव अभियान की प्रगति और प्रभावित श्रमिकों की स्थिति को लेकर आगे की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल बचाव एजेंसियों का मुख्य जोर सुरंग में फंसे लोगों तक पहुंचने और प्रभावित श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

 

With inputs from IANS