कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष ने उमर खालिद को बताया ‘राष्ट्रवादी’, बीजेपी ने साधा निशानाBy IANS Tue, 15 September 2026 06:33 PM

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कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने मंगलवार को जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताया और बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में उनके जीवन पर आधारित प्रस्तावित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का विरोध करने को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पर निशाना साधा।

हरिप्रसाद ने पत्रकारों से कहा, “उमर खालिद एक राष्ट्रवादी हैं। ABVP को उमर खालिद के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि ABVP नाथूराम गोडसे को पसंद करती है, जो राष्ट्र-विरोधी थे और देश के पहले आतंकवादी थे। उमर खालिद पर बोलने का उनके पास न तो नैतिक अधिकार है और न ही नैतिक आधार।”

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बेंगलुरु में ABVP ने फिल्मकार ललित वाचानी की उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Prisoner No. 626710 is Present’ की प्रस्तावित स्क्रीनिंग रद्द करने की मांग की थी।

यह डॉक्यूमेंट्री 14 सितंबर को NLSIU की छात्र संस्था लॉ एंड सोसाइटी कमेटी (Law Soc) की ओर से परिसर में दिखाई जानी थी। हालांकि, विश्वविद्यालय ने बाद में कार्यक्रम को “लॉजिस्टिक और सुरक्षा संबंधी कारणों” का हवाला देते हुए पुनर्निर्धारित कर दिया।

आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम उमर खालिद के समर्थन में आयोजित किया जा रहा था और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत बिना मुकदमे के उनकी गिरफ्तारी के छह साल पूरे होने के संदर्भ में रखा गया था। खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।

हरिप्रसाद की टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता के बयान को “बेहद निंदनीय” बताते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक तुष्टीकरण का आरोप लगाया।

पात्रा ने पत्रकारों से कहा कि ABVP द्वारा डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का विरोध किए जाने के संदर्भ में हरिप्रसाद ने उमर खालिद को राष्ट्रवादी बताया है, जो बेहद गंभीर है।

उन्होंने कहा कि फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली में हिंसा और मौतों के बाद उमर खालिद के खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया था। पात्रा ने यह भी कहा कि मामले में विभिन्न अदालतों में सुनवाई हुई और फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

पात्रा ने कहा, “सोचिए, यह वही उमर खालिद हैं और कांग्रेस उनके प्रति इतनी सहानुभूति रखती है कि उन्हें राष्ट्रवादी बताया जा रहा है।”

बीजेपी सांसद ने कांग्रेस पर कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक के साथ कथित मेलजोल को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले यासीन मलिक को आमंत्रित किया और उनका स्वागत किया था।

पात्रा ने कहा, “यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसने कभी यासीन मलिक को आमंत्रित किया और उनका स्वागत किया था। पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह ने भी एक तरह से उनका सम्मान किया था। कांग्रेस के लिए यासीन मलिक और उमर खालिद राष्ट्रवादी हैं, जबकि उन्होंने हमेशा भारत की मूल विचारधारा को कमजोर किया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति “तुष्टीकरण” तक सीमित हो गई है और कहा कि कर्नाटक तथा देश की जनता यासीन मलिक के मुद्दे पर कांग्रेस को “उचित जवाब” देगी।

उमर खालिद से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर विवाद ने विश्वविद्यालय परिसरों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक विचारधारा और सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर बहस को फिर सामने ला दिया है। NLSIU की ओर से कार्यक्रम के पुनर्निर्धारण का कारण सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था बताया गया है, जबकि राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं।