अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, दुलारचंद हत्याकांड में जमानत रद्दBy Mid Time Bureau Fri, 30 October 2026 01:15 PM

बिहार की सियासत में एक बार फिर बाहुबली विधायक अनंत सिंह को लेकर हलचल तेज हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को बड़ा झटका देते हुए पटना हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत रद्द कर दी है। शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले जेडीयू भी अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर चुकी है।

1 दिसंबर तक करना होगा सरेंडर

दुलारचंद यादव हत्याकांड की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता और अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया। जस्टिस एमए सुंदरेश और जस्टिस पीवी वराले की पीठ ने पटना हाईकोर्ट के जमानत देने के आदेश को सही नहीं माना और उसे निरस्त कर दिया।

अदालत का कहना था कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और अपराध की गंभीरता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने जमानत का आदेश रद्द करते हुए अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।

जांच और गवाहों की सुनवाई का भी दिया हवाला

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। ऐसे में आरोपी का सरेंडर करना जरूरी है। अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए मोकामा के पूर्व विधायक को राहत देने वाले फैसले पर रोक लगा दी।

दुलारचंद के पोते की याचिका पर सुनवाई

इस मामले में मृतक दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने जमानत रद्द करने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही अदालत ने हत्याकांड की जांच प्रक्रिया को अगले चार महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश भी दिया है ।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब अनंत सिंह के सामने 1 दिसंबर तक सरेंडर करने की चुनौती है। वहीं, इस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी सबकी नजरें रहेंगी।