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भारत ने वियतनाम के दा नांग में आयोजित पिकलबॉल विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 41 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में सात स्वर्ण, 17 रजत और 17 कांस्य पदक जीते।
भारत के लिए यह प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय सुधार रहा, जब टीम सातवें स्थान पर रही थी। इस बार 48 खिलाड़ियों ने विभिन्न टीम स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जबकि व्यक्तिगत वर्गों में 130 से अधिक भारतीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
भारतीय खिलाड़ियों ने किड्स, जूनियर, ओपन, सीनियर और मास्टर्स टीम वर्गों में प्रतिस्पर्धा की और विश्व कप में आधिकारिक भारतीय टीम के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया।
भारत के अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में किड्स टीम का रजत पदक शामिल रहा। वीर शाह की कप्तानी वाली टीम में विरांश चोपड़ा, आरिन बल्लानी, महिका राठौड़, मानसी कार्तिक, आश्रिता एस, कवीर मेहता और प्रार्थना मोटियानी शामिल थे। वीर शाह को किड्स वर्ग में प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ कप्तान भी चुना गया।
भारतीय पिकलबॉल संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदित्य खन्ना ने भारतीय दल के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि चौथे स्थान पर पहुंचना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण ने भारतीय पिकलबॉल को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अगले विश्व कप में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेगा। साथ ही उन्होंने देश में जमीनी स्तर पर पिकलबॉल को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर दिया।
भारतीय जूनियर टीम भी चौथे स्थान पर रही। क्वार्टर फाइनल में उसे मजबूत वियतनामी टीम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। अर्जुन सिंह की अगुवाई वाली टीम में आदित्य सिंह, देव शाह, पूर्वांश पटेल, विवान पटेल, नाओमी अमलसादिवाला, आश्रिता राजू और दिया मत्तिपति शामिल थे।
ओपन वर्ग में भारतीय टीम का अभियान भी क्वार्टर फाइनल में समाप्त हुआ, जहां उसे बाद में चैंपियन बनी अमेरिका की टीम के हाथों 2-4 से हार मिली। हर्ष मेहता की कप्तानी वाली भारतीय टीम में अर्जुन सिंह, अनिश फ्रोलियन, अमन पटेल, नाओमी अमलसादिवाला, पर्ल अमलसादिवाला, मिहिका यादव और आलिया इब्राहिम शामिल थे।
मास्टर्स वर्ग में भी भारत को क्वार्टर फाइनल में वियतनाम से हार मिली। इस टीम में भूषण आकुत, ठाकुरदास रोहिरा, अजीत भारद्वाज, शकुंतला देवनानी और पेटुलिया बालाजी शामिल थे।
सीनियर वर्ग में भारतीय टीम को अंतिम 16 के मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। टीम में सूर्यवीर सिंह भुल्लर, अतुल एडवर्ड, अखिल माथुर, निलेश देसाई, किरण सालियन, गौरिका चोपड़ा, पर्लिन रूपकुमार और कविता खन्ना शामिल थीं।
टीम स्पर्धाओं के अलावा व्यक्तिगत वर्गों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। हर्ष मेहता ने ओपन प्रो पुरुष युगल में कांस्य पदक जीता, जबकि पूर्वांश पटेल ने अंडर-18 लड़कों के एकल वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।
भूषण आकुत व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में रहे। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष युगल में अशोक रोहिरा के साथ, 60+ पुरुष एकल और 60+ मिश्रित युगल में कुल तीन स्वर्ण पदक जीते।
फैरोज जेडी ने 40+ महिला एकल वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि विवेक रेड्डी ने 40+ पुरुष एकल वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया।
भारतीय पिकलबॉल संघ के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह भुल्लर ने कहा कि संघ को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है, जिन्होंने पूरे समर्पण, अनुशासन और दृढ़ता के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारत को वैश्विक पिकलबॉल के नक्शे पर मजबूती से स्थापित किया है। उन्होंने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और टीम प्रबंधकों के योगदान के साथ-साथ भारतीय पिकलबॉल को समर्थन देने वाले साझेदारों का भी आभार जताया।
विश्व कप में भारत के इस प्रदर्शन से देश में पिकलबॉल की बढ़ती लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत होती मौजूदगी का संकेत मिलता है। भारतीय पिकलबॉल संघ अब इस सफलता को जमीनी स्तर पर खेल के विस्तार और नई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में बदलने की दिशा में काम करने की उम्मीद कर रहा है।