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भारतीय महिला हॉकी टीम ने रविवार को मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार महिला जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने एफआईएच जूनियर विश्व कप के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली।
भारत की जीत में सानिका चंद्रकांत माने निर्णायक साबित हुईं। उन्होंने 17वें मिनट में शानदार मैदानी गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई, जिसे भारतीय खिलाड़ियों ने मैच के अंत तक कायम रखा।
भारतीय महिला टीम ने इससे पहले जूनियर एशिया कप के पिछले दो संस्करणों में भी खिताब जीता था। इस तरह टीम ने लगातार तीसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा कर खिताबी हैट्रिक पूरी की। इस साल की शुरुआत में मुख्य कोच का पद संभालने वाले टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में टीम ने एक व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत तैयारी की थी, जिसका असर पूरे टूर्नामेंट में उसके प्रदर्शन में देखने को मिला।
फाइनल में भारत और चीन के बीच पहले क्वार्टर में कड़ा मुकाबला देखने को मिला और दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। दूसरे क्वार्टर में भारत को मौका मिला और 17वें मिनट में सानिका ने गोल कर गत चैंपियन को बढ़त दिला दी। हाफ टाइम तक भारत ने अपनी 1-0 की बढ़त बरकरार रखी।
तीसरे क्वार्टर में चीन ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने मेजबान टीम को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। आखिरी क्वार्टर में भी भारत ने धैर्य और अनुशासन के साथ अपनी बढ़त की रक्षा की और अंतिम सीटी बजते ही लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का जश्न मनाया।
टूर्नामेंट में भारत का अभियान बेहद प्रभावशाली रहा। क्वार्टर फाइनल में उसने पाकिस्तान को 19-0 से रौंदते हुए आक्रामक हॉकी का शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। दक्षिण कोरिया के खिलाफ जीत में ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ सुप्रिया ने भी अहम भूमिका निभाई।
भारत ने एलीट पूल चरण का समापन भी अजेय रहते हुए किया। टीम ने तीन जीत और एक ड्रॉ से 10 अंक हासिल किए और बेहतर गोल अंतर के आधार पर पूल में शीर्ष स्थान हासिल किया।
लगातार तीसरी बार खिताब जीतने वाली भारतीय टीम के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए हॉकी इंडिया ने नकद पुरस्कार की भी घोषणा की है। प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये, जबकि सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
लगातार तीन खिताब और जूनियर विश्व कप में जगह के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति को एक बार फिर साबित किया है।