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मैक्सिको सिटी के ऑटोड्रोमो हर्मानोस रोड्रिगेज सर्किट में जब मर्सिडीज के 20 वर्षीय ड्राइवर किमी एंटोनेली ने तीसरे स्थान पर रहते हुए रेस पूरी की, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। यह सिर्फ एक रेस में पोडियम हासिल करने की खुशी नहीं थी, बल्कि फॉर्मूला वन (F1) के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का ऐतिहासिक पल था।
टीम रेडियो पर मर्सिडीज के सदस्यों की बधाइयों का जवाब देना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा था। इस खास मौके पर उनके माता-पिता भी मर्सिडीज के गैराज में मौजूद थे और अपने बेटे की ऐतिहासिक उपलब्धि के गवाह बने।
20 साल और 68 दिन की उम्र में एंटोनेली F1 इतिहास के सबसे युवा विश्व चैंपियन बन गए। उन्होंने जर्मनी के सेबेस्टियन वेट्टेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2010 में 23 साल और 134 दिन की उम्र में अपना पहला विश्व खिताब जीता था। वेट्टेल ने अपने करियर में कुल चार विश्व चैंपियनशिप खिताब हासिल किए थे।
हालांकि, एंटोनेली की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे संघर्ष, आलोचना और शानदार वापसी की एक लंबी कहानी है। 2025 में मर्सिडीज के साथ अपने शुरुआती दौर में उन्हें जिस मुश्किल समय से गुजरना पड़ा था, उसके बाद महज दूसरे सीजन में विश्व चैंपियन बनना किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है।
सात बार के विश्व चैंपियन लुईस हैमिल्टन की जगह मर्सिडीज की W16 कार में उतरे एंटोनेली पर शुरुआत से ही काफी दबाव था। इतनी कम उम्र में F1 जैसी प्रतिस्पर्धी रेसिंग में उतरना और दुनिया की सबसे सफल टीमों में से एक की जिम्मेदारी संभालना आसान नहीं था। इससे पहले मैक्स वेरस्टैपेन को भी कम उम्र में रेड बुल जैसी शीर्ष टीम के लिए रेस करने का मौका मिला था।
एंटोनेली के डेब्यू सीजन की शुरुआत हालांकि उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। 2025 में अपनी पहली क्वालिफाइंग रेस में वह Q1 से आगे नहीं बढ़ सके, लेकिन मुख्य रेस में चौथा स्थान हासिल कर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई। इसके बाद मियामी में स्प्रिंट रेस के लिए पोल पोजीशन हासिल की और कनाडा ग्रां प्री में करियर का पहला पोडियम भी जीता। इन उपलब्धियों से उनके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ गई थीं।
लेकिन इसके बाद उनका सामना करियर के सबसे कठिन दौर से हुआ। यूरोपीय चरण की नौ रेस में वह केवल तीन अंक जुटा सके। लगातार खराब नतीजों के कारण उन पर दबाव बढ़ता गया और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। बेल्जियम ग्रां प्री का निराशाजनक सप्ताहांत उनके लिए इतना मुश्किल रहा कि वह भावुक होकर रो पड़े।
बेल्जियम में नौवें स्थान पर रहने के बाद मर्सिडीज के टीम प्रमुख टोटो वोल्फ ने भी उनके प्रदर्शन पर नाराजगी जताई थी।
वोल्फ ने कहा था, "इस सप्ताहांत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। आप कार को ग्रेवल में नहीं डाल सकते और फिर अच्छे नतीजे की उम्मीद नहीं कर सकते। पूरी रेस निराशाजनक रही।"
हालांकि, आलोचनाओं और कठिन अनुभवों ने एंटोनेली को हार मानने के बजाय खुद को