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आइजोल। मिजोरम की राजधानी आइजोल में खेल और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीसरे आइजोल इंटरनेशनल हाफ मैराथन (AIHM) 2027 का आयोजन 20 फरवरी को किया जाएगा। राजीव गांधी स्टेडियम में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत समेत विदेशों से 5,000 से अधिक धावकों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। प्रतियोगिता के लिए कुल 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की गई है।
मिजोरम के खेल एवं पर्यटन मंत्री लालंघिंगलोवा हमार ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) से मान्यता प्राप्त इस प्रतियोगिता ने पिछले दो आयोजनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख खेल आयोजनों में अपनी पहचान बनाई है।
आयोजकों के मुताबिक, अप्रैल 2025 में आयोजित पहले संस्करण में करीब 1,500 धावकों ने हिस्सा लिया था। वहीं, फरवरी 2026 में हुए दूसरे संस्करण में प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर लगभग 3,000 हो गई। इसमें केन्या, इथियोपिया, बहरीन, ब्रिटेन और फ्रांस सहित विभिन्न देशों के 16 अंतरराष्ट्रीय एथलीट भी शामिल हुए थे। पिछले आयोजनों में मिली भागीदारी को देखते हुए इस बार आयोजन का दायरा और बड़ा करने की तैयारी है।
AIHM 2027 में पेशेवर एथलीटों के साथ शौकिया धावक, एनसीसी कैडेट, विद्यार्थी और फिटनेस के प्रति रुचि रखने वाले लोग भी भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता को पांच श्रेणियों में आयोजित किया जाएगा। इनमें 21.1 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर ओपन रेस, 5 किलोमीटर फन रेस, जूनियर रेस और सीनियर/वेटरन रेस शामिल हैं।
मंत्री लालंघिंगलोवा हमार ने मैराथन को मिजोरम के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह आयोजन अब केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भारत और विदेशों के खिलाड़ियों, युवाओं तथा विभिन्न समुदायों को जोड़ने का मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के सशक्तीकरण, फिटनेस, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास का माध्यम बनाना चाहती है।
इस आयोजन को संस्थागत स्तर पर भी मजबूती मिली है। राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने AIHM 2027 के संरक्षकों में से एक बनने पर सहमति जताई है। नई दिल्ली में मिजोरम के खेल मंत्री और AIHM के क्यूरेटर कैप्टन राहुल बाली के साथ हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। एनसीसी की ओर से आवश्यक संस्थागत व्यवस्थाओं के अधीन कैडेटों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
मैराथन को खेल प्रतियोगिता के साथ-साथ खेल पर्यटन के बड़े अवसर के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए मिजोरम की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य परंपरा को देश-विदेश के लोगों के सामने प्रस्तुत करने की योजना है। आयोजकों का मानना है कि हजारों धावकों के साथ आने वाले उनके परिजनों और अन्य आगंतुकों से स्थानीय होटल, होमस्टे, रेस्तरां, परिवहन सेवाओं, छोटे कारोबारियों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
आयोजन के तहत 18 से 20 फरवरी 2027 तक तीन दिवसीय AIHM एक्सपो भी लगाया जाएगा। इसमें 18 और 19 फरवरी को बिब एक्सपो आयोजित होगा, जहां प्रतिभागियों को रेस किट वितरित की जाएंगी। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं वेलनेस से जुड़े पवेलियन, सहयोगी संस्थानों की प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
मिजोरम सरकार और इनोवेशंस इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले AIHM 2027 की थीम 'कनेक्टिंग इंडिया, डेवलपिंग मिजोरम, एम्पावरिंग स्पोर्ट्स' रखी गई है। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य आइजोल को देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खेल कैलेंडर में भी एक प्रमुख आयोजन स्थल के रूप में स्थापित करना है।