पीवी सिंधु ने BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए किया क्वालीफाई, 2021 के बाद पहली बार लेंगी हिस्साBy IANS Wed, 04 November 2026 03:21 PM

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नई दिल्ली। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने साल के आखिरी बड़े टूर्नामेंट BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। चीन के हांगझोऊ में 9 से 13 दिसंबर तक आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच खिताब के लिए मुकाबला होगा।

सिंधु के अलावा दक्षिण कोरिया की एन से यंग, जापान की अकाने यामागुची और चीन की वांग झी यी तथा चेन यू फेई ने भी महिला एकल वर्ग में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस प्रतियोगिता में साल के अंत की विश्व रैंकिंग के आधार पर शीर्ष आठ खिलाड़ियों या जोड़ियों को जगह दी जाती है।

सिंधु के लिए यह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में छठी बार खेलने का मौका होगा। वह 2021 के बाद पहली बार इसमें हिस्सा लेंगी। उन्होंने 2022 के संस्करण के लिए भी क्वालीफाई किया था, लेकिन चोट के कारण नाम वापस लेना पड़ा था।

सिंधु इस टूर्नामेंट में महिला एकल का खिताब जीतने वाली अब तक की एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2018 में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर यह उपलब्धि हासिल की थी। ऐसे में इस साल उनकी वापसी भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए खास होगी।

इस सीजन जर्मनी में आयोजित हाइलो ओपन में सिंधु की खिताबी जीत ने वर्ल्ड टूर फाइनल्स में उनकी जगह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। सुपर 500 स्तर के इस टूर्नामेंट का खिताब जीतने पर उन्हें 9,200 रैंकिंग अंक मिले, जिससे वह ताजा BWF विश्व रैंकिंग में दो स्थान ऊपर चढ़कर छठे नंबर पर पहुंच गईं।

हाइलो ओपन इस साल सिंधु का दूसरा BWF वर्ल्ड टूर खिताब था। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था। दिसंबर 2024 के बाद यह उनका पहला व्यक्तिगत खिताब था। अब उनके नाम कुल सात BWF वर्ल्ड टूर खिताब हो गए हैं।

हाइलो ओपन से पहले सिंधु फ्रेंच ओपन के फाइनल में भी पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा ओलंपिक एवं विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया की एन से यंग के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

साल 2022 के बाद यह पहला सीजन है, जब सिंधु ने एक से अधिक BWF वर्ल्ड टूर खिताब अपने नाम किए हैं। हाइलो ओपन में शानदार प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद उन्होंने कोरिया ओपन और जापान मास्टर्स से हटने का फैसला किया, ताकि आराम करने के साथ अपनी फिटनेस पर ध्यान दे सकें और दिसंबर में होने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।

सिंधु की हालिया खिताबी लय और विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंचना उनके लिए साल के अंतिम टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद जगाता है।