इसरो ने प्रक्षेपित किया अब तक का सबसे भारी उपग्रह ‘ब्लूबर्ड-6’By Admin Wed, 24 December 2025 05:49 AM

श्रीहरिकोटा- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को अपने शक्तिशाली प्रक्षेपण यान एलवीएम-3 (LVM3)-एम6 के जरिए अब तक का सबसे भारी उपग्रह ‘ब्लूबर्ड-6’ सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया।

अमेरिकी कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल (AST SpaceMobile) द्वारा विकसित अगली पीढ़ी का संचार उपग्रह ब्लूबर्ड-6 इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा गया। इस उपग्रह का उद्देश्य बिना किसी विशेष उपकरण के सीधे अंतरिक्ष से स्मार्टफोन तक ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध कराना है।

43.5 मीटर ऊंचा एलवीएम-3 रॉकेट, जिसे दो शक्तिशाली एस200 सॉलिड बूस्टर का सहारा प्राप्त है, सुबह 8:55 बजे दूसरे लॉन्च पैड से रवाना हुआ। यह लॉन्च पैड चेन्नई से लगभग 135 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। प्रक्षेपण से पहले 24 घंटे की उलटी गिनती पूरी की गई थी।

इसरो के अनुसार, उड़ान के लगभग 15 मिनट बाद रॉकेट से ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह अलग होकर करीब 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपनी निर्धारित कक्षा में स्थापित हो गया।

यह मिशन इसरो की व्यावसायिक इकाई न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) और अमेरिका की एएसटी स्पेसमोबाइल कंपनी के बीच हुए एक वाणिज्यिक समझौते का हिस्सा है।

इसरो ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रक्षेपण को लेकर सतर्क रणनीति अपनाई थी और एलवीएम-3 एम6 की लॉन्चिंग को 90 सेकंड के लिए टाल दिया गया था। पहले यह मिशन सुबह 8:54 बजे निर्धारित था, जिसे बाद में 8:55 बजे और 30 सेकंड पर समायोजित किया गया।

इसरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा, “मिशन सफल। एलवीएम3-एम6 मिशन ने ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है।”

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी ‘एक्स’ पर इसरो को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “एलवीएम3-एम6 के जरिए ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो टीम को बधाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में इसरो लगातार एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल कर रहा है, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।”

उल्लेखनीय है कि ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह को लो अर्थ ऑर्बिट (निम्न पृथ्वी कक्षा) में स्थापित किया गया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा वाणिज्यिक संचार उपग्रह है और भारतीय धरती से एलवीएम-3 रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी पेलोड भी है।

 

With inputs from IANS