
नई दिल्ली- सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) कार्यालय ने मंगलवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अवसंरचना तक समान और व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने को लेकर एक श्वेत पत्र जारी किया। इस श्वेत पत्र में एआई अवसंरचना—कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा सेट और मॉडल इकोसिस्टम—को सुलभ और किफायती बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है, ताकि इसका लाभ अधिकतम उपयोगकर्ताओं तक पहुंच सके।
श्वेत पत्र के अनुसार, एआई अवसंरचना तक लोकतांत्रिक पहुंच का अर्थ है ऐसे संसाधनों को व्यापक रूप से उपलब्ध कराना, जिससे विभिन्न वर्गों के उपयोगकर्ता एआई क्षमताओं से जुड़ सकें और उनका लाभ उठा सकें। जब कंप्यूट, डेटा सेट और मॉडल टूल्स आसानी से उपलब्ध होते हैं, तो व्यक्ति और संस्थान स्थानीय भाषाओं में उपकरण विकसित करने, सहायक तकनीकों को अनुकूलित करने और नई क्षमताओं का विस्तार करने में सक्षम होते हैं।
यह श्वेत पत्र नीति आयोग सहित विभिन्न क्षेत्रीय विशेषज्ञों और हितधारकों के सुझावों और फीडबैक के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि भारत की एआई नीति और शासन व्यवस्था को दिशा देने में सार्थक विचार-विमर्श और ठोस कार्रवाई को प्रोत्साहन मिल सके।
पीएसए कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, “एआई नवाचार और आर्थिक प्रगति का केंद्रीय आधार बनता जा रहा है। ऐसे में कंप्यूट, डेटा सेट और मॉडल इकोसिस्टम तक पहुंच को व्यापक, किफायती और समावेशी बनाना आवश्यक है। वर्तमान में ये संसाधन कुछ वैश्विक कंपनियों और शहरी केंद्रों तक सीमित हैं, जिससे समान भागीदारी बाधित होती है।”
बयान में आगे कहा गया, “भारत के लिए एआई अवसंरचना तक समान पहुंच का अर्थ है इसे एक साझा राष्ट्रीय संसाधन के रूप में देखना, ताकि देश के विभिन्न क्षेत्रों में नवोन्मेषकों को स्थानीय भाषा आधारित उपकरण विकसित करने, सहायक तकनीकों को अपनाने और भारत की विविध आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान तैयार करने का अवसर मिल सके।”
श्वेत पत्र में भारत की एआई गवर्नेंस दृष्टि के अनुरूप प्रमुख सहायक कारकों को रेखांकित किया गया है। इनमें उच्च गुणवत्ता और प्रतिनिधित्व वाले डेटा सेट तक पहुंच का विस्तार, किफायती और विश्वसनीय कंप्यूटिंग संसाधनों की उपलब्धता, तथा एआई को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के साथ एकीकृत करना शामिल है।
एआई अवसंरचना तक लोकतांत्रिक पहुंच को देशभर में—गांवों से शहरों तक और छोटे संस्थानों व स्टार्टअप्स से लेकर उद्योगों तक—न्यायसंगत और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
एआईकोषा, इंडिया एआई कंप्यूट और टीजीडीईएक्स जैसे टूल्स और प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत का एआई इकोसिस्टम नवाचार और सेवाओं को बढ़ावा दे रहा है तथा संसाधनों तक पहुंच को व्यापक बना रहा है।
इसके अलावा, अवसंरचना विकास और डेटा व कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने से संबंधित समर्पित सरकारी पहलें इंडिया एआई मिशन, विभिन्न मंत्रालयों, क्षेत्रीय नियामकों और राज्य सरकारों को सशक्त बनाएंगी, ऐसा श्वेत पत्र में कहा गया है।
With inputs from IANS