ध्रुव-एनजी सिर्फ एक हेलीकॉप्टर नहीं, भारत की इंजीनियरिंग ताकत का प्रतीक है: एचएएल सीएमडीBy Admin Wed, 31 December 2025 05:53 AM

बेंगलुरु - भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र को स्वदेशी तकनीक के जरिए मजबूती देते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टर के लॉन्च को देश की इंजीनियरिंग क्षमता का बड़ा उदाहरण बताया गया है। एचएएल के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने कहा कि ध्रुव-एनजी महज एक उड़ने वाली मशीन नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता का बयान है।

आईएएनएस से बातचीत में डीके सुनील ने कहा कि ध्रुव-एनजी को बड़े पैमाने पर भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है, जिसमें करीब 65 प्रतिशत कंपोनेंट्स स्वदेशी स्रोतों से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह हेलीकॉप्टर भारत की उस क्षमता को दर्शाता है, जिसके तहत देश नागरिक उपयोग के लिए उन्नत विमान डिजाइन करने, विकसित करने और प्रमाणित करने में सक्षम है।

सुनील ने कहा, “दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश हो जो 100 प्रतिशत स्वदेशीकरण हासिल करता हो, क्योंकि कुछ न कुछ कंपोनेंट्स बाहर से लेने ही पड़ते हैं। लेकिन यदि इंजन, एवियोनिक्स जैसे प्रमुख हिस्से देश में विकसित किए जाएं और संपूर्ण विमान का डिजाइन हमारा हो, तो हमारा लक्ष्य 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशीकरण हासिल करना है।”

ध्रुव-एनजी में एचएएल द्वारा विकसित इन-हाउस इंजन लगाया गया है, जिसे पहले ही नागरिक उड्डयन का प्रमाणन मिल चुका है। उन्होंने बताया कि यह हेलीकॉप्टर वीआईपी परिवहन, मेडिकल इवैक्यूएशन, ऑफशोर ऑपरेशंस और उच्च ऊंचाई वाले पर्यटन जैसे कई तरह के मिशनों के लिए उपयुक्त है।

सुनील ने बताया कि ध्रुव-एनजी 4,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे इसकी क्षमता हिमालय और पूर्वोत्तर जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी साबित होती है। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार में इस हेलीकॉप्टर की काफी संभावनाएं हैं और एचएएल अफ्रीका तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में इसके निर्यात पर भी विचार कर रहा है।

भारतीय सेना और वायुसेना के पायलट पहले ही इस हेलीकॉप्टर को कठिन परिस्थितियों में परख चुके हैं और अब यह नागरिक सेवाओं में शामिल होने के लिए तैयार है। ध्रुव-एनजी की पहली खेप में आठ हेलीकॉप्टर शामिल होंगे, जिन्हें बॉम्बे हाई क्षेत्र में ऑफशोर सेवाओं के लिए तैनात किया जाएगा, जहां इनका उपयोग कर्मियों और सामग्री के परिवहन में होगा।

सुनील ने कहा कि ध्रुव-एनजी के डिजाइन में सुरक्षा और संचालन की सहजता पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह एक ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर है, जो इसे पहाड़ी इलाकों में उड़ रहे कई सिंगल-इंजन विमानों की तुलना में अधिक सुरक्षित बनाता है।

उन्होंने कॉकपिट में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया, जिसमें आधुनिक ग्लास कॉकपिट और नए सिरे से डिजाइन किए गए कंट्रोल्स शामिल हैं, जो पायलट का कार्यभार कम करते हैं और समग्र सुरक्षा को बढ़ाते हैं।

 

With inputs from IANS