
नई दिल्ली- एक नए अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि गर्भावस्था के दौरान मां द्वारा पैरासिटामोल का सेवन बच्चों में ऑटिज़्म, अटेंशन-डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) या बौद्धिक अक्षमता के जोखिम को नहीं बढ़ाता। यह अध्ययन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस आम दर्द निवारक को लेकर किए गए दावों का भी खंडन करता है।
सितंबर में व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने गर्भवती महिलाओं से अपील की थी कि वे एसिटामिनोफेन (जिसे पैरासिटामोल भी कहा जाता है) लेने के बजाय “दर्द सहन करें।” एसिटामिनोफेन टायलेनॉल दवा का मुख्य घटक है।
पैरासिटामोल गर्भावस्था के दौरान सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली दर्द निवारक और बुखार कम करने वाली दवा है, जिसे दुनिया भर में पहली पसंद के रूप में सुझाया जाता है। इसकी सुरक्षा प्रोफाइल नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स और ओपिओइड्स की तुलना में बेहतर मानी जाती है, इसी कारण प्रसूति चिकित्सा में इसे प्राथमिक विकल्प माना जाता है। यह दवा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की आवश्यक दवाओं की सूची में भी शामिल है।
द लैंसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड वूमेन्स हेल्थ जर्नल में प्रकाशित यह सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस 43 अध्ययनों पर आधारित है और गर्भावस्था में पैरासिटामोल की सुरक्षा को लेकर मौजूदा सिफारिशों का समर्थन करता है।
अध्ययन की प्रमुख लेखिका और सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स (यूके) के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर अस्मा खलील ने कहा, “इस सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस में कोई ऐसा प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि गर्भावस्था के दौरान मां द्वारा पैरासिटामोल लेने से बच्चों में ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, एडीएचडी या बौद्धिक अक्षमता का खतरा बढ़ता है। लंबे फॉलो-अप, सिब्लिंग तुलना और कम बायस वाले अध्ययनों में भी यही नतीजे सामने आए।”
शोधकर्ताओं—जिनमें यूके, इटली और स्वीडन के वैज्ञानिक शामिल थे—ने स्पष्ट किया कि पहले के कुछ ऑब्ज़र्वेशनल अध्ययनों में दिखे संबंध संभवतः मातृ बीमारी, बुखार, आनुवंशिक प्रवृत्ति या पर्यावरणीय कारकों जैसे भ्रमित करने वाले तत्वों के कारण रहे हैं, न कि पैरासिटामोल के प्रत्यक्ष प्रभाव से।
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि पैरासिटामोल से परहेज करने पर मां और भ्रूण को बिना इलाज के दर्द और बुखार से जुड़े जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें गर्भपात, समय से पहले प्रसव और जन्मजात विकृतियां शामिल हैं।
यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी, यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी और हेल्थ कनाडा जैसी अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्थाएं भी पैरासिटामोल की सुरक्षा प्रोफाइल का समर्थन करती हैं।
With inputs from IANS