
नई दिल्ली- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि मुंबई–अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में निरंतर प्रगति हो रही है और कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों में ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) मस्तों की स्थापना तेजी से आगे बढ़ रही है।
मंत्री के अनुसार, यह विकास भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को सक्षम बनाने की दिशा में एक अहम कदम है और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत जमीनी स्तर पर हो रहे सतत क्रियान्वयन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक रूप से प्रमाणित हाई-स्पीड रेल तकनीक को अपनाते हुए देश की घरेलू विनिर्माण क्षमताएं भी मजबूत हो रही हैं।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ओएचई मस्तों की स्थापना एलाइनमेंट के प्रमुख हिस्सों, विशेष रूप से वायाडक्ट सेक्शनों में की जा रही है, ताकि हाई-स्पीड ट्रेनों का सुरक्षित, सुचारु और प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके। ये मस्त बुलेट ट्रेन संचालन के लिए आवश्यक ट्रैक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति प्रदान करते हैं।
ओएचई मस्तों को जमीन से काफी ऊंचाई पर बने एलिवेटेड वायाडक्ट्स पर स्थापित किया जा रहा है। कुल मिलाकर कॉरिडोर के साथ 9.5 मीटर से 14.5 मीटर ऊंचाई वाले 20,000 से अधिक मस्त लगाए जाएंगे।
ये मस्त पूरी 2×25 केवी ओवरहेड ट्रैक्शन पावर सिस्टम को सपोर्ट करेंगे, जिसमें ओवरहेड वायर, अर्थिंग सिस्टम, फिटिंग्स और बुलेट ट्रेन संचालन के लिए जरूरी अन्य उपकरण शामिल हैं।
निरंतर ट्रैक्शन पावर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के साथ ट्रैक्शन सबस्टेशन (TSS) और डिस्ट्रीब्यूशन सबस्टेशन (DSS) का एक नेटवर्क भी विकसित किया जा रहा है।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा और अधिक तेज व सुविधाजनक हो जाएगी, साथ ही पूरे कॉरिडोर में कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
मंत्री के अनुसार, इस परियोजना से यात्रियों को लाभ मिलेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार सृजन के साथ-साथ भारतीय उद्योग को मजबूती मिलेगी। यह देश में उन्नत रेल तकनीक को अपनाने और विश्वस्तरीय रेल अवसंरचना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
With inputs from IANS