हेपेटाइटिस-बी की जांच के लिए दुनिया का पहला फिंगरस्टिक टेस्ट, निदान तक पहुंच बढ़ने की उम्मीदBy Admin Thu, 05 February 2026 06:38 AM

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में किए गए एक विश्वस्तरीय अध्ययन में पाया गया है कि हेपेटाइटिस-बी डीएनए की जांच के लिए साधारण फिंगरस्टिक टेस्ट पारंपरिक लैब परीक्षण जितना ही सटीक है। यह खोज दूरदराज और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में जांच सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खोल सकती है।

‘जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी’ में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि यह प्वाइंट-ऑफ-केयर टेस्ट एक घंटे के भीतर परिणाम दे सकता है और इसे विकेन्द्रीकृत क्लीनिकों में भी आसानी से किया जा सकता है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, यह जानकारी ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स स्थित किर्बी इंस्टीट्यूट के बयान में दी गई है।

किर्बी इंस्टीट्यूट के शोध प्रमुख प्रोफेसर गेल मैथ्यूज ने बताया कि परीक्षण के परिणामों से स्पष्ट हुआ है कि फिंगरस्टिक प्वाइंट-ऑफ-केयर टेस्ट अत्यधिक सटीक है और पारंपरिक परीक्षणों की सटीकता के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि यह खोज वैश्विक स्तर पर जांच और उपचार तक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां परीक्षण सुविधाएं सीमित हैं।

हेपेटाइटिस-बी एक वायरल संक्रमण है जो लीवर को प्रभावित करता है। वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 25.4 करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं और हर साल इससे 10 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, यह बीमारी टीके से रोकी जा सकती है, लेकिन क्रॉनिक हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित लोगों में से केवल करीब 8 प्रतिशत लोगों को ही उपचार मिल पाता है।

वर्तमान में हेपेटाइटिस-बी डीएनए की जांच के लिए नस से खून का नमूना लेकर उसे केंद्रीकृत प्रयोगशालाओं में भेजना पड़ता है। इसके लिए मरीजों को अक्सर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और जांच रिपोर्ट आने में कई दिन या सप्ताह लग जाते हैं। इस देरी और बार-बार क्लीनिक जाने की आवश्यकता के कारण समय पर उपचार और देखभाल में बाधा आती है।

इसके विपरीत, नया प्वाइंट-ऑफ-केयर टेस्ट छोटे स्वास्थ्य केंद्रों में उंगली से लिए गए खून के नमूने से किया जा सकता है। इसे अधिक संख्या में स्वास्थ्यकर्मी आसानी से कर सकते हैं और लगभग 60 मिनट में परिणाम मिल जाता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, यह टेस्ट हेपेटाइटिस-सी सहित कई संक्रामक रोगों के लिए लैब परीक्षण का प्रभावी विकल्प साबित हो चुका है, लेकिन अब तक हेपेटाइटिस-बी डीएनए के लिए फिंगरस्टिक रक्त परीक्षण की प्रभावशीलता स्पष्ट नहीं थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया टेस्ट वर्ष 2030 तक हेपेटाइटिस-बी को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के डब्ल्यूएचओ के लक्ष्य को पूरा करने में भी मददगार साबित हो सकता है।

 

With inputs from IANS