यूपीआई अब 8 से अधिक देशों में लाइव; 23 देशों के साथ डीपीआई अपनाने पर समझौतेBy Admin Sat, 07 February 2026 11:34 AM

नई दिल्ली — यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर समेत आठ से अधिक देशों में शुरू हो चुका है, जिससे भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी के रूप में उभर रहा है। यह जानकारी शुक्रवार को संसद में दी गई।

यूपीआई का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता उपयोग प्रेषण (रेमिटेंस) को बढ़ावा देने, वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और वैश्विक फिनटेक क्षेत्र में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में मदद कर रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया कि भारत ने इंडिया स्टैक/डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के साझा उपयोग और सहयोग के लिए 23 देशों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) और करार किए हैं। इनका उद्देश्य भारत के डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म्स को अन्य देशों में अपनाने और लागू करने में सहयोग करना है।

मंत्री ने कहा, “ये एमओयू डिजिटल पहचान, डिजिटल भुगतान, डेटा एक्सचेंज और सेवा वितरण प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर केंद्रित हैं, जो इंडिया स्टैक फ्रेमवर्क के तहत भारत की व्यापक डीपीआई कूटनीति के अनुरूप हैं।”

डिजिलॉकर के लिए क्यूबा, केन्या, संयुक्त अरब अमीरात और लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक (एलपीडीआर) के साथ समझौते किए गए हैं।

इसके अलावा, सरकार ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की सफलता को वैश्विक स्तर पर साझा करने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। ‘इंडिया स्टैक ग्लोबल’ पोर्टल भारत के डीपीआई को प्रदर्शित करता है और मित्र देशों को इसे अपनाने में सहायता प्रदान करता है। इस पोर्टल के माध्यम से 18 प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच उपलब्ध कराई जाती है।

मंत्री ने बताया कि भारत की जी-20 अध्यक्षता (2023) के दौरान लॉन्च किया गया ‘ग्लोबल डीपीआई रिपोजिटरी’ एक वैश्विक ज्ञान मंच के रूप में कार्य कर रहा है, जिसमें भारत ने डीपीआई समाधानों की सबसे अधिक संख्या में योगदान दिया है।

प्रमुख डीपीआई और डिजिटल समाधानों में आधार, यूपीआई, कोविन, एपीआई सेतु, डिजिलॉकर, आरोग्य सेतु, जीईएम, उमंग, दीक्षा, ई-संजीवनी और पीएम गतिशक्ति सहित अन्य प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

इस बीच, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, जनवरी माह में यूपीआई लेनदेन की संख्या में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 21.70 अरब तक पहुंच गई। वहीं, लेनदेन की राशि में 21 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ यह 28.33 लाख करोड़ रुपये रही।

 

With inputs from IANS