
नई दिल्ली — नासा के आर्टेमिस II मिशन ने एक नया और दिलचस्प कदम उठाया है। इस बार अंतरिक्ष यात्री पहली बार अपने निजी iPhone साथ लेकर गहरे अंतरिक्ष की यात्रा पर निकले हैं, जो अंतरिक्ष अभियानों में तकनीक के इस्तेमाल का नया दौर माना जा रहा है।
चार सदस्यीय दल—कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और जेरमी हैनसन—ने फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट पर सवार होकर ओरियन अंतरिक्ष यान के जरिए उड़ान भरी। यह ऐतिहासिक मिशन करीब 10 दिनों का है, जिसमें वे चांद की परिक्रमा कर पृथ्वी पर लौटेंगे।
नासा ने इस साल की शुरुआत में ही यह फैसला लिया था कि अंतरिक्ष यात्रियों को अपने निजी स्मार्टफोन साथ ले जाने की अनुमति दी जाएगी। इसका मकसद मिशन को आधुनिक बनाना और अनुभवों को बेहतर तरीके से रिकॉर्ड करना है।
इस पहल के तहत अंतरिक्ष यात्री अब भारी-भरकम सरकारी कैमरों पर निर्भर रहने के बजाय अपने iPhone से खास पलों को कैद कर सकेंगे। नासा प्रशासन का मानना है कि इससे वे अपने परिवारों के साथ यादगार लम्हे साझा कर पाएंगे और दुनिया को भी अंतरिक्ष से प्रेरणादायक तस्वीरें और वीडियो दिखा सकेंगे।
हालांकि, अंतरिक्ष यात्रा के दौरान ये iPhone ‘एयरप्लेन मोड’ पर ही रहेंगे, ताकि अंतरिक्ष यान के सिस्टम में किसी तरह की बाधा न आए। इस दौरान ये मुख्य रूप से हाई-क्वालिटी कैमरे की तरह इस्तेमाल किए जाएंगे।
जब अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के पास से गुजरेंगे, तब वे वहां के वाई-फाई से जुड़कर फोटो और ईमेल भेज सकेंगे, लेकिन कॉलिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
आर्टेमिस II मिशन पिछले कई दशकों में चांद के पास जाने वाला पहला मानव मिशन है। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह की लाइव तस्वीरें लेंगे, कुछ ऐसे दृश्यों को देखेंगे जो पहले कभी इंसानों ने नहीं देखे, और गहरे अंतरिक्ष से आंशिक सूर्य ग्रहण का भी अनुभव करेंगे।
With inputs from IANS